जम्मू। भारत-पाकिस्तान बार्डर से सटे इलाके में रहने वाले लोगों ने शांति पूर्ण तरीके से मतदान किया। सीमा पर क्रास फायरिंग होने के कारण कई लोगों ने अपने घरबार छोड़ कर सिफ्ट हो गए, लेकिन मतदान करने के लिए अपने घर पहुंचे। सीमावर्ती इलाके के अंतिम गांव जोराफार्म में बार्डर पर फेंसिंग से मात्र 400 मीटर की दूरी है।
जोराफार्म के ग्रामीणों ने कहा कि मतदान करने का मकसद इलाके में अमन बहाली और विकास है। इस मौके पर 35 वर्षीय मोहम्मद शफी ने बताया कि सरकार को सीमावर्ती इलाके की समस्याओं का निदान करना चाहिए। गांव में लोगों को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ता है। पाकिस्तान की गोलाबारी से घर तक तबाह हो गए हैं। वहीं विक्रम ने कहा कि गोलाबारी में उसके दो वर्षीय बेटे की मौत हो चुकी है। राजोरी और पुंछ में भी तनाव है। आतंकी हमलों में सेना के जवान भी शहीद हो रहे हैं। 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे। ऐसे माहौल से मुक्ति के लिए वोट कर रहे हैं।
यहां के पोलिंग बूथ के प्रोजाइडिंग अफसर अनुरुद्ध कुमार भट्ट ने कहा कि कुल 742 मतदाता हैं। इसमें 303 पुरुष जबकि 123 महिलाएं हैं। शांति पूर्ण तरीके से मतदान हुआ है। पूनम, बेबी भगत और मीना ने पहली बार मतदान किया। चुनावी मैदान में 24 प्रत्याशी है।