आरएस पुरा/मीरां साहिब। पुलवामा में फिदायीन हमले में 40 जवानों के शहीद हो जाने का गुस्सा उपजिले में रविवार को तीसरे दिन भी बरकरार रहा। कई सामाजिक संगठनों व स्थानीय लोगों ने पाकिस्तान के पुतले जलाए और जमकर नारेबाजी की।
बिक्रम संधू, सन्नी महाजन ने कहा कि सबसे पहले राज्य में देशद्रोही लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए जाने चाहिए ताकि माहौल खराब होने पर नियंत्रण किया जा सके। सीमावर्ती गांव सुचेतगढ़, कलोए के ग्रामीणों ने भी विरोध प्रदर्शन कर केंद्र की सरकार से राज्य में विधानसभा चुनाव नहीं करवाए जाने की मांग की। स्थानीय रमेश कुमार, पवन डोगरा ने कहा कि जब भी राज्य में कोई सरकार बनती है तो अलगाववादी नेता व आतंकी सरगर्मी तेज करते हैं। उन्होंने कहा कि अब पाकिस्तान को सबक सिखाया जाना चाहिए ताकि इस प्रकार के हमले न हों और राज्य में शांतिपूर्ण माहौल स्थापित हो सके।
मीरां साहिब कस्बे में युवाओं ने पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान अनिकेत डोगरा, कुंदन लाल शर्मा, विजय कुमार आदि ने कहा कि अब देश के लोग पाकिस्तान को कड़ा जवाब देने की मांग कर रहे हैं। गांव रतिया में पूर्व सरपंच मदन लाल शर्मा की देखरेख में ग्रामीणों ने पाकिस्तान का पुतला जला नारेबाजी कर रोष जताया। पूर्व सरपंच ने कहा कि पुलवामा में घटी घटना की जितनी भी निंदा की जाए, वह कम है। उन्हाेंने कहा कि आतंकवाद की जड़ कश्मीर के हुर्रियत नेता हैं जो बार-बार पाकिस्तान के साथ बातचीत करने के लिए कहते हैं। इसी प्रकार पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती व नेकां संरक्षक डॉ. फारूख अब्दुल्ला भी पाकिस्तान से बातचीत कर समाधान करने की बात करते हैं। इन लोगों ने कहा कि पाकिस्तान से कोई बात नहीं की जानी चाहिए। ऐसे नेताओं को जेलों में बंद किया जाना चाहिए जो निजी स्वार्थ के लिए माहौल खराब करने का काम करते हैं।