उधमपुर। मोंगरी तहसील के सद्दल नाले पर 13 वर्ष से पुल बनाने का काम अधर में लटका है। पुल न होने से लोगों के आवागमन का मुख्य साधन नाले के बीच बनाई गई सड़क ही है। जिससे होकर वाहन भी गुजरते हैं। दिकक्त यह है कि तेज बारिश में यह सड़क क्षतिग्रस्त हो जाती है। लगभग 50 हजार की आबादी इसी सड़क पर निर्भर है।
2005 में जब पुल का निर्माण शुरू हुआ था, तो उस समय पंचैरी ब्लाक था और मोंगरी इसका हिस्सा था। पीडब्ल्यूडी विभाग ने पुल के निर्माण के लिए अभी पिलर ही तैयार किए थे कि अचानक काम बंद कर दिया गया। ग्रामीणों को लगा कि कुछ महीने के बाद काम शुरू हो जाएगा, लेकिन यह संभव नहीं हो सका। इसके बाद नौ वर्ष का इंतजार करने के बाद 2014 में पुल का काम एक बार फिर से शुरू हुआ। इस पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। लेकिन 2014 में सितंबर की बाढ़ के बाद काम फिर से बंद हो गया। 2018 की शुरूआत में फिर से पुल का काम शुरू किया गया। बीच का ढांचा तैयार होने के बाद काम को फिर से बंद कर दिया और और आज तक बंद ही है।
नाले के बीच बनाई सड़क से गुजरते हैं वाहन
सद्दल नाले पर पुल की सुविधा न होने के कारण ग्रामीणों की परेशानी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। हर रोज नाले के बीच तैयार की गई सड़क से होकर वाहन गुजर रहे है। मानसून की बारिश में कई बार यह सड़क तेज बहाव में बह चुकी है। सड़क बहने पर मोंगरी तहसील जिला मुख्यालय से कट जाती है और ग्रामीणों की परेशान दुगनी हो जाती है।
तीन जिले की कई पंचायतें पुल न होने से परेशान
सद्दल नाले पर पुल न बनने के कारण उधमपुर के साथ रियासी व रामबन जिले की पंचायतों की करीब 50 हजार की आबादी प्रभावित है। यह सब इसी मार्ग से आवाजाही करते हैं। ग्रामीणों ने कई बार पुल का निर्माण कार्य शुरू करवाने की मांग को प्रशासन के सामने रखा है और हर बार जल्द टेंडर जारी करने का आश्वासन देकर ग्रामीणों को भेज दिया गया है। जबकि ग्रामीणों की परेशानी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।