जम्मू। आतंकवाद से ग्रस्त जम्मू कश्मीर राज्य आईपीएस अधिकारियों की कमी से जूझ रहा है। दूसरे राज्यों के रहने वाले जम्मू कश्मीर कैडर के आईपीएस रियासत में नौकरी नहीं करना चाहते है। आलम यह है कि 85 अधिकारियों में से 26 डेपुटेशन लेकर दूसरे राज्यों में नौकरी कर रहे हैं।
आधा दर्जन और डेपुटेशन लेकर बाहर जाने की जुगत में हैं।कई आईपीएस अधिकारी हैं, जिनको केंद्र से वापस लाने के लिए राज्य गृह विभाग ने कई बार केंद्रीय गृह विभाग को पत्र लिखे, लेकिन अधिकारी वापस आने को तैयार नहीं। सूत्रों का कहना है कि एक आईजी रैंक के अधिकारी सहित आधा दर्जन ऐसे हैं, जो जोर लगा रहे हैं कि उनको डेपुटेशन मिले। इन अधिकारियों में से अभी एक हाल ही में डेपुटेशन से बाहर लौटा था।
1986 बैच की महिला आईपीएस डी आर डोले 2014, नवीन अग्रवाल 2016, एस एम सहाय 2016, बी श्रीनिवास 2015, एच के लोहिया 2016, आर आर स्वैन 2016, पंकज सक्सेना 2010, दीपक कुमार 2016, एसएस खंडारे 2014, टी नामगयाल 2013, मुकेश सिंह 2015, एक के सिन्हा 2012, गरीब दास 2016, विजय कुमार 2015, आनंद जैन 2013, उत्तम चंद 2017, केशव राम 2012, अतुल गोयल 2014, भीम सेन 2013, सुजित कुमार 2016, नीवा जैन 2016, उदय भास्कर बिल्ला 2017 और अब नीतिश कुमार डेपुटेशन पर गए हैं।