जम्मू-कश्मीर में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को अगर लागू किया गया तो करीब 5000 करोड़ का अतिरिक्त बोझ रियासती बजट पर पड़ेगा।
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें मिलने के बाद अगर केंद्र सरकार अगले साल 2016 में इसे लागू करती है तो फिर रियासती सरकार पर भी इसे लागू करने का दबाव पड़ेगा।
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सातवें वेतन आयोग की ओर से केंद्र सरकार को अपनी सिफारिशें सौंपे जाने के बाद से रियासती सरकार भी गुणा-भाग में जुटी हुई है।
मौजूदा समय में रियासत में करीब साढ़े चार लाख सरकारी कर्मचारी हैं। इसके अलावा एक लाख से ज्यादा पेंशनर भी हैं। जानकारी के अनुसार वर्तमान में रियासत सरकार सरकारी मुलाजिमों के वेतन और पेंशनरों को दी जाने पेंशन पर करीब 18 हजार 450 करोड़ के करीब सालाना खर्च कर रही है।