उत्तरी कश्मीर के सीमांत जिले कुपवाड़ा में शनिवार को सुरक्षा बलों ने करीब 10 घंटे तक चली मुठभेड़ में पांच आतंकियों को मार गिराया। गोलाबारी में दो जवान भी घायल हुए हैं। पूरे इलाके की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान अब भी जारी है।
सैन्य सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार की देर रात सुरक्षा एजेंसियों को जिले के दृगमुला इलाके में कुछ आतंकियों के छिपे होने की पक्की सूचना मिली थी। खबर मिलते ही सेना की 47 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), 41 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर के स्पेशल आपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
रात भर इलाके की घेराबंदी जारी रही। शनिवार को सुबह जवानों ने दोबारा ऑपरेशन को शुरू किया गया। इस दौरान सुरक्षा बलों की तरफ से चेतावनी के तौर पर संदिग्ध मकान के पास मोर्टार शेल दागे गए। इसके बाद आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी शुरू कर दी और भीषण मुठभेड़ शुरू हो गई।
आतंकी संगठनों को बड़ा झटका
घायल जवान को अस्पताल ले जाते जवान
- फोटो : Amar Ujala
हालात की गंभीरता को देखते हुए सेना के 9 पैरा के स्पेशल कमांडोज को भी ऑपरेशन ऑपरेशन में शामिल किया गया। करीब 10 घंटे से अधिक तक चली भीषण मुठभेड़ में पांच आंतकी मारे गए। एसएसपी कुपवाड़ा एजाज अहमद ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान मारे गए पांचों आतंकियों के पास से पांच एके-47 राइफलें और अन्य हथियारों के साथ गोला बारूद भी बरामद हुआ है।
अभी तक आतंकियों की शिनाख्त नहीं हो पाई है, लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मारे गए आतंकी विदेशी मूल के थे और आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से उनका संबंध था।
इस ऑपरेशन को वर्ष 2016 के बड़े ऑपरेशनों में से एक माना जा रहा है, जिसमें आतंकियों को इतना बड़ा झटका लगा हो। इससे पूर्व कुपवाड़ा के जूंरेशी जंगल क्षेत्र से सटे एलओसी वाले इलाके में बीते सोमवार को एक आतंकी को मारा गया था। मारे गए आतंकी के पास से गोला बारूद भी बरामद हुआ था। सूत्रों के अनुसार वह विदेशी आतंकी था और लश्कर-ए-तैयबा से संबंध रखता था।
जवानों की हालत खतरे से बाहर
सेना के एक अधिकारी ने बताया कि इस मुठभेड़ में सेना के दो जवान भी घायल हुए हैं। जवानों को तुरंत दृगमुला स्थित सेना के अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर है। घायल जवानों में 41 आरआर के पांडुरंग महादेव और 47 आरआर के अतुल कुमार हैं।