जम्मू। पंजाब और हरियाणा में कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन से रेल सेवा ठप होने से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में पेट्रोल-डीजल का संकट बरकरार है। हालांकि, पेट्रोल-डीजल लेने पंजाब भेजे गए 200 टैंकरों में से 45 टैंकर वीरवार को जम्मू पहुंच गए। लेकिन टैंकरों से सड़क मार्ग से जालंधर और बठिंडा से मंगवाई जा रही तेल की आपूर्ति मांग के मुताबिक नहीं हो पा रही है। इस कारण वीरवार को जिले में कई पेट्रोल पंपों पर स्टॉक खत्म हो गया। वहीं सीमित सप्लाई से अधिकांश के पास एक या दो दिन का ही स्टॉक बचा है। मालगाड़ी न आने के कारण जम्मू में तीनों डिपो से पेट्रोल पंपों को सप्लाई बंद है।
एचपी, बीपीसी और इंडियन ऑयल डिपो से पेट्रोल डीजल की सप्लाई बंद होने के कारण पेट्रोल पंप मालिकों की ओर से सड़क मार्ग से जालंधर और बठिंडा से पेट्रोल और डीजल मंगवाया जा रहा है। तीनों डिपो में सेना और इमरजेंसी के लिए ही तेल आरक्षित रखा गया है। वीरवार को जिले में अधिकांश पेट्रोल पंपों पर सीमित सप्लाई दी गई। मसलन एक टैंकर में 12000 लीटर तेल होता है, लेकिन एक टैंकर से एक से दो पेट्रोल पंपों पर सप्लाई दी गई। जिससे जिले के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर सीमित स्टॉक बचा हुआ है। जम्मू कश्मीर और लद्दाख में तेल की किल्लत लगातार बढ़ रही है। डिपो से पेट्रोल-डीजल की सप्लाई के साथ जहाजों सहित अन्य स्थानों पर भी सप्लाई में किल्लत बढ़ने लगी है। जम्मू संभाग में ही करीब 550 पेट्रोल पंप हैं।
200 टैंकर सप्लाई लेकर पहुंच रहे : ऑयल कंपनी
ऑयल कंपनी के राज्य स्तरीय संयोजक राजीव यादव ने बताया कि पंजाब के विभिन्न हिस्सों से सड़क मार्ग से करीब 200 टैंकर पेट्रोल-डीजल की सप्लाई लेकर जम्मू आ रहे हैं और इनके वीरवार रात या शुक्रवार पहुंचने की उम्मीद है। एचपी, बीपीसी और इंडियन ऑयल डिपो ने रात 12 बजे तक डिपो खोलकर रखे हैं, ताकि पंजाब से तेल लेकर आने वाले टैंकरों को सीधा पेट्रोल पंपों पर डायवर्ट किया जाए। उन्होंने दावा किया कि सड़क मार्ग से नियमित पहुंच रहे टैंकरों से फिलहाल बड़ी किल्लत नहीं है।
सरकार पंजाब सरकार से बात करे : एसोसिएशन
जम्मू-कश्मीर पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के प्रधान आनन शर्मा ने बताया कि तीनों डिपों से पंप संचालकों को सप्लाई बंद कर देने से तेल की किल्लत हुई है। सरकार को अपने स्तर पर पंजाब सरकार से तेल की पर्याप्त पूर्ति के लिए बात करनी चाहिए। पंजाब में तेल की सप्लाई लेने के लिए 200 टैंकरों को भेजा गया था। करीब 45 टैंकर सुबह तक जम्मू आ गए थे।
सेब के सीजन पर पड़ सकती है मार
जम्मू-कश्मीर में सेब की सप्लाई का सीजन शुरू हो गया है। इसके लिए प्रदेश में 2000 से 3000 वाहन आते हैं। लेकिन पेट्रोल-डीजल की कमी इस सीजन पर पड़ सकती है। जो गाड़ी सप्लाई के लिए जम्मू पहुंचती है और अगर उसे तेल की किल्लत होती है तो उसे यहां कई दिन रुकना पड़ सकता है।