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सुरक्षा एजेंसियों के पास पाक के 42 आतंकी कैंपों का नक्शा, सेना करेगी कार्रवाई?

Tue, 20 Sep 2016 06:35 PM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र, अमर उजाला/जम्मू
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मुठभेड़ के दौरान मोर्चा संभाले सेना के जवान - फोटो : FILE PHOTO
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उड़ी में फिदायीन हमला करने वाले आतंकियों को मुजफ्फराबाद के सवई नाला कैंप में पाकिस्तानी सेना से प्रशिक्षण मिला था। सेना को इस आशय के इनपुट मिले हैं।
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सुरक्षा एजेंसियों ने इस बाबत रक्षा और गृह मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी है। सुरक्षा एजेंसियों के पास पीओके में चल रहे 42 आतंकी प्रशिक्षण कैंपों की पुख्ता जानकारी और नक्शा है।

इनमें से 18 कैंप अधिक सक्रिय हैं। कश्मीर घाटी से जुड़े पीओके के इलाके में आतंकियों के 14 लांचिंग पैड इन दिनों सक्रिय हैं। इनसे आतंकियों की घुसपैठ कराई जाती है।
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'जम्मू संभाग और कश्मीर संभाग में एक साथ कार्रवाई की जरूरत'

उड़ी - फोटो : Getty Images
राजोरी और पुंछ इलाकों में भी लगभग एक दर्जन लांचिंग पैड हो सकते हैं। सेना से जुड़े सूत्रों के मुताबिक आतंकी कैंपों को ध्वस्त करने के लिए जम्मू संभाग और कश्मीर संभाग से जुड़े पीओके के इलाके में एक साथ कार्रवाई की जरूरत होगी।

टुकड़ों में कार्रवाई से पाकिस्तान को दूसरे क्षेत्र में दबाव बनाने का मौका मिल सकता है। उड़ी में फिदायीन हमले में 18 जवानों के शहीद और 19 के घायल होने के बाद से देश भर में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्से के मद्देनजर कठोर कार्रवाई के संकेत मिल रहे हैं।

ऐसे संकेतों के बाद पाकिस्तान कुछ आतंकी कैंपों को फिलहाल बंद कर सकता है। सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए पाकिस्तान के आतंकियों से सेना और सुरक्षा एजेंसियों को पीओके में चल रहे आतंकी कैंपों के बारे में कई अहम जानकारियां मिलीं हैं।
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कश्मीर हिंसा के दौरान कई कैंप हुए सक्रिय

उड़ी में आतंकी हमला - फोटो : PTI
सुरक्षा एजेंसियों की सूचनाओं के मुताबिक पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद 42 में से 24 कैंपों को बंद कर दिया था। लेकिन, कश्मीर के त्राल में आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद कश्मीर में शुरू हुई हिंसा के बाद इनमें से कई कैंपों को फिर से सक्रिय बना दिया गया है।
 
उड़ी के इलाके से पीओके के मुजफ्फराबाद का गलियारा है। पीओके के उस इलाके में अब्दुल्ला बिन मसूद, सवई नाला, गढ़ी दुपाटा, पीर चिनासी, सम्सउल हक और दुधिनियाल में आतंकी प्रशिक्षण कैंप हैं।

इसके अलावा जंगल मंडी, सिंकारी, फागूस सकारडू आदि इलाके में भी कैंप हैं। एक कैंप में 40 से 50 आतंकियों को एक समय पर एक महीने का प्रशिक्षण दिया जाता है। भर्ती के कैंप अलग होते हैं।

सूत्रों के अनुसार गढ़ी हिबुबल्लाह, अंधेर गली और जालो गली में प्रशिक्षण कैंपों में 150 आतंकियों के मौजूद होने की सूचनाएं हैं। आतंकियों की घुसपैठ के लिए गुरेज, केरन, करनाह नौगाम और गुलमर्ग के लांचिंग पैड इन दिनों ज्यादा सक्रिय हैं। 
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