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4000 आतंकी वापसी को बेकरार, पढ़ें खबर

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आतंकवादी बनने के लिए रियासत जम्मू कश्मीर में करीब 4000 भटके युवा अब भी पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में मौजूद हैं। नेशनल कांफ्रेंस के एमएलसी डा. बशीर अहमद वीरी के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री की तरफ से बागवानी मंत्री अब्दुल रहमान वीरी ने विधान परिषद में यह जवाब दिया।
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मंत्री ने कहा कि वर्किंग ग्रुप एक की सिफारिशों के तहत केंद्रीय गृह मंत्रालय से चर्चा कर नवंबर 2010 में पाकिस्तान में हथियारों का प्रशिक्षण लेने गए युवाओं की वापसी के लिए पुनर्वास योजना को लागू किया गया था। इस योजना के तहत अधिकृत चार मार्गों में से कोई भी रास्ते भटका युवा नहीं लौटा।

बहरहाल अनाधिकृत नेपाल मार्ग से 453 लोग अपनी 197 पत्नियों और 603 बच्चों के साथ लौटे हैं। एक अन्य सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि साल 2006 में प्रधानमंत्री की ओर से पांच वर्किंग ग्रुपों का गठन किया था।
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इनमें पहले वर्किंग ग्रुप मोहम्मद हमीद अंसारी की अगुवाई में था और इसका उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों में विश्वास बहाली के लिए कदम उठाना था।
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मंत्री ने दिया गोलमोल जवाब

दूसरा वर्किंग ग्रुप एम रसगोत्रा की अगुवाई में था और क्रास एलओसी संबंधों को मजबूत करने के लिए था। तीसरा वर्किंग ग्रुप डा. सी रंगराजन की अगुवाई में था और इसका उद्देश्य आर्थिक विकास था। चौथा वर्किंग ग्रुप एनसी सक्सेना की अगुवाई में था और गुड गवर्नेंस को सुनिश्चित करने के लिए सिफारिशें देना इसके क्षेत्राधिकार में शामिल था।

पांचवां वर्किंग ग्रुप जस्टिस सागीर अहमद की अगुवाई में था और केंद्र और राज्य के संबंधों को मजबूती प्रधान करना इसका उद्देश्य था। नेकां सदस्य के सवाल की भटके युवाओं के लिए पुनर्वास नीति को लागू रखा गया है और इसके तहत कितने लोगों का पुनर्वास किया गया है, के जवाब में मंत्री ने कहा कि हालात ठीक रहने और पाकिस्तान से शांति और मधुर संबंधों पर नीति का भविष्य टिका हुआ है।

नेशनल कांफ्रेंस सदस्य डा. बशीर वीरी ने वर्किंग ग्रुपों की सिफारिशों और पीओके और पाकिस्तान से लौटे भटके युवाओं के पुनर्वास पर बागवानी मंत्री अब्दुल रहमान वीरी के जवाब से असंतुष्ट होकर सदन से वाकआउट कर दिया। उन्होंने कहा कि उनके सवाल का जवाब सरकार ने नहीं दिया है।
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