सीमावर्ती गांवों के किसान सोमवार की सुबह एक के बाद एक हुए चार धमाकों से सहम उठे। कई लोगों ने छिपने के लिए सुरक्षित जगह खोज ली, उन्हें लगा कि पाकिस्तान ने गोलाबारी शुरू कर दी है।
हालांकि, बाद में पता चला कि सुरक्षा बलों ने पिछले दिनों पाकिस्तान से दागे गए गोलों को निष्क्रिय किया है, तब लोगों की जान में जान आई।सुबह करीब आठ बजे जब सीमा के पास जोर का एक धमाका हुआ तो ग्रामीणों के कान खड़े हो गए। वह दहशत में आ गए और घरों में छिप गए।
काफी देर तक शांति छाई रहने पर ग्रामीण फिर घरों से निकल आए और अरनिया कसबे समेत गांवों में चहलपहल बढ़ गई। सुबह पौने दस बजे फिर दूसरा बड़ा धमाका हुआ तो ग्रामीणों में फैली दहशत में और इजाफा हो गया। स्कूली छात्र-छात्राएं दीवारों की आड़ में छिप गईं।