सांबा और कठुआ जिले में सड़क हादसों का ग्राफ इस साल पिछले साल की तुलना में बढ़ गया है। 11 महीनों में ही पिछले साल की तुलना में सड़क हादसों में दो फीसदी की बढ़ोतरी हो गई है। साल खत्म होने को है और यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। दोनों जिलों में थानों में दर्ज होने वाली कुल एफआईआर में सड़क हादसों का ग्राफ काफी अधिक है। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार ओवर स्पीड और रैश ड्राइविंग की वजह से यह हादसे बढ़ रहे हैं। अगर यही हाल रहा तो अगले साल कुल एफआईआर का पचास फीसदी सिर्फ सड़क हादसों का होगा।
जानकारी के अनुसार सांबा जिले में इस साल 30 नवंबर तक थानों में कुल 859 एफआईआर दर्ज हुईं। इनमें 332 (38.64 फीसदी) सिर्फ रोड एक्सीडेंट की हैं। पिछले साल यह आंकड़ा 36.66 फीसदी था। वर्ष 2018 में कुल 1012 एफआईआर दर्ज हुईं थी। इसमें 371 (36.66 फीसदी) सिर्फ रोड एक्सीडेंट के थे। इसी तरह कठुआ जिले मेें इस साल नवंबर 30 तक 1041 एफआईआर दर्ज हुईं। इसमें 370 (35.54 फीसदी) रोड एक्सीडेंट की एफआईआर हैं। पिछले साल कुल 1379 एफआईआर लगी थीं। इनमें से 447(32.41 फीसदी) एफआईआर रोड एक्सीडेंट की थीं। इस साल कठुआ में भी हादसे तीन फीसदी बढ़ गए हैं।
जम्मू में कम हुए सड़क हादसे
जम्मू जिले में वर्ष 2019 में सड़क हादसे कम हुए हैं। 2018 में जम्मू जिले में कुल 4301 एफआईआर दर्ज हुईं। इनमें 1246 (28.97 फीसदी) रोड एक्सीडेंट की एफआईआर थीं। इस साल नवंबर 30 तक कुल 4140 एफआईआर दर्ज हुईं। इनमें 1083(26.15 फीसदी) रोड एक्सीडेंट की एफआईआर शामिल हैं। हालांकि अभी साल खत्म होने में एक महीना बाकी है।