कश्मीर हिंसा ने घाटी ही नहीं, बल्कि जम्मू को भी नुकसान पहुंचाया। सिर्फ होटलों को ही 3500 करोड़ रुपये की चपत लगी है। ऐसे में जब केंद्र से सर्वदलीय समिति जम्मू में आए तो वह न सिर्फ कश्मीर के नुकसान, बल्कि जम्मू पर भी ध्यान दे। यह जानकारी जम्मू चैंबर आफ ट्रेडर फेडरेशन ने उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह को दी।
शनिवार को होटल एशिया में चैंबर और उपमुख्यमंत्री, विधानसभा के स्पीकर कवींद्र गुप्ता, पर्यटन राज्यमंत्री प्रिया सेठी, विधायक सत शर्मा, राजेश गुप्ता, डिवकाम पवन कोतवाल, आईजी दानेश राणा, नगर निगम आयुक्त मनमोहन सिंह, जेडीए चेयरमैन मुबारक सिंह में बातचीत हुई।
चैंबर प्रधान नीरज आनंद ने बताया कि कटड़ा, पत्नीटाप और जम्मू के होटलों को कश्मीर हिंसा से 3500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। कश्मीर में पीक सीजन मध्य जून तक होता है, जबकि जम्मू में जून के बाद अमरनाथ यात्रा शुरू होती है।
कश्मीर हिंसा में पाकिस्तान का हाथ
डॉ. निर्मल सिंह
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कश्मीर में हो हल्ला दिखावे से कम नहीं। जिस सेब को झेलम में फेंकने की बात कही जा रही है, उस सेब के फूल लगने से पहले ही कश्मीरी उत्पादक दिल्ली, पंजाब और जम्मू के व्यापारियों से एडवांस में पैसे ले लेते हैं। ऐसे में सेब फेंक भी देंगे तो उनका कोई नुकसान नहीं होगा।
जम्मू का कपड़ा, अनाज, फल सब्जी, पोल्ट्री आदि जम्मू से कश्मीर को जाता है। ऐेसे में उनके नुकसान के साथ हमारा भी नुकसान हुआ है। तेल टैंकरों के मुद्दों को भी उठाया। उपमुख्यमंत्री ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर विचार-विमर्श होगा। कहा कि सर्वदलीय समिति के साथ जम्मू के ट्रेड की बात भी होगी।
वहीं उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने कहा है कि पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर के हालात हमेशा खराब करने की कोशिश है। कश्मीर हिंसा भी पाक की वजह से हुई, जिसकी आंच डोडा, किश्तवाड़, राजोरी-पुंछ जैसे पहाड़ी इलाकों तक पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन यहां के लोगों ने उनका साथ नहीं दिया। उन्होंने कहा कि सर्वदलीय समिति के साथ कोई भी मिल सकता है। बेशक अलगाववादी ही क्यों न हो।