कहर मचाने वाली बारिश से जिले में 360 ट्रांसफार्मर खराब हो गए हैं।
इसमें से 130 ट्रांसफार्मर जल गए हैं। इनके स्थान पर विभाग के सामने नए ट्रांसफार्मर लगाने की चुनौती है। इसी कारण आज भी जिले के कई गांव बिजली से वंचित हैं। बिजली के लिए लोग सड़कों पर उतरकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन समस्या का हल नहीं निकल पा रहा है।
तीन दिन की तबाही मचाने वाली बारिश के बाद जिले के 65 प्रतिशत ग्रामीण इलाकों में बिजली गुल हो गई थी। इसका मुख्य कारण बिजली के पोल व ट्रांसफार्मर का खराब होना था। मौसम साफ होने के बाद जब बिजली विभाग ने नुकसान का आंकड़ा तैयार किया तो परिणाम चौंकाने वाले सामने आए।
बारिश से सैकड़ों बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं। ट्रांसफार्मरों की इतनी खराब हालत है कि इनको मरम्मत करवाना संभव नहीं हैं। बिजली विभाग इनके स्थान नए ट्रांसफार्मर लगाने के प्रयास में जुटा हुआ है, लेकिन इसमें अभी तक कामयाबी नहीं मिली है।
इसके अलावा 230 ट्रांसफार्मर की मरम्मत का कार्य भी चल रहा है। विभाग का कहना है कि इनमें से 85 प्रतिशत ट्रांसफार्मर की मरम्मत करके ग्रामीण इलाकों में बिजली सेवा बहाल कर दी गई है।