लश्कर-ए -तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन ने कश्मीर और पीरपंजाल इलाके से आतंकियों की बड़ी घुसपैठ कराने की साजिश बुनी है। कुपवाड़ा के जंगलों से एक दर्जन आतंकियों की घुसपैठ उसी षड्यंत्र का हिस्सा था, जिसे सेना ने नाकाम कर दिया है।
सुरक्षा एजेंसियों का अनुमान है कि कुछ आतंकी घुसपैठ में सफल होकर जंगलों में छिपे हो सकते हैं। लिहाजा सर्च आपरेशन जारी रहेगा। पीओके स्थित आतंकियों के लांचिंग पैड पर कश्मीर से सटे इलाके में 200 और राजोरी-पुंछ इलाके में 150 आतंकियों के मौजूद होने की सूचना है। सेना ने सतर्कता बढ़ा दी है।
सेना के सूत्रों के मुताबिक अब एलओसी पर इजरायली उपकरणों से निगहबानी हो रही है। सेना ने एलओसी पर तकनीकी इंटेलीजेंस तंत्र को मजबूत किया है। थर्मल इमेज कैमरे सक्रिय हैं। आतंकियों की मूवमेंट का पता लगाने के लिए इसरो के सहयोग से सेटेलाइट की भी मदद ली जा रही है।
राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन भी सेना का सहयोग कर रहा है। इसके अलावा एलओसी पर स्वाति रडार प्रणाली सक्रिय है, जो सीजफायर उल्लंघन की स्थिति में गोलाबारी के सटीक लोकेशन की जानकारी देती है। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि अभी से जुलाई तक पाकिस्तान बार्डर और पीओके से आतंकियों की घुसपैठ की कोशिशें तेज हो सकतीं हैं। लिहाजा जवाबी कार्रवाई की तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं।