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Jammu News: जल जीवन मिशन का बजट रुकने से 3200 परियोजनाओं पर पड़ा असर

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- एक साल से काम को लेकर नहीं दी है केंद्र को जानकारी, 500 में से 310 करोड़ के हो चुके काम
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- 2028 तक बढ़ी है परियोजना, ग्रामीण इलाकों को जोड़ा जा रहा नल सुविधा से
अमर उजाला ब्यूरो

जम्मू। जल जीवन मिशन के तहत परियोजनाओं के लिए बजट न मिलने से काम बीच में रुक गया है। बीस जिलों में 3200 से ज्यादा परियोजनाओं पर प्रभाव पड़ा है। 500 करोड़ से ज्यादा राशि रुकी पड़ी है। इसमें 310 करोड के काम हो चुके हैं। कारण रहा है कि बजट जारी होने पर काम तो करवाया गया।
बजट खर्च होने को लेकर लिखित रूप से केंद्र को अवगत नहीं करवाया गया है। ऐसे में अब बजट का हिसाब-किताब मांगा जा रहा है। इसके बाद बजट जारी होने को कहा जा रहा है। फिलहाल, हालत यह है कि ठेकेदारों को पहले किए गए कामों का भुगतान नहीं हुआ है। साथ ही नए काम लेने के लिए भी ठेकेदार तैयार नहीं है। प्रदेश में जल जीवन मिशन का विस्तार 2028 तक किया गया है। जल जीवन मिशन के तहत प्रदेशभर में नल लगाने, पाइपें बिछाने, ओवरहेड टैंक, ट्यूबवेल लगाने सहित कई काम किए जा रहे हैं।
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अभी तक 80 फीसदी काम पूरे हो चुके हैं। जल जीवन मिशन के अनुसार कागजी कार्रवाई के बाद बजट जारी होगा। बजट जारी होने के बाद विकास कार्यों को तेज गति से करवाया जाएगा। मौजूदा समय में बजट खत्म हो चुका है। जल जीवन मिशन से हर घर नल लगाने का लक्ष्य है। ग्रामीण लोग अब पानी भरने के लिए प्राकृतिक जल स्रोतों पर निर्भर नहीं रहे हैं। घरों में नलों से पानी भर रहे हैं। इससे ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के रहन सहन में बदलाव लाया है।
शेष बचे काम को निपटाने में के लिए अब कागजी कार्रवाई जारी है। केंद्र द्वारा मांगे गए विवरण को सचिवालय से भेजा जा रहा है। इस प्रक्रिया में दो माह का समय लगेगा। इसके बाद बजट जारी होगा। इससे कई परियोजनाओं पर काम एक साथ शुरू हो सकेगा।
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ये काम हो रहे प्रदेश में



ट्यूबवेल, फिल्ट्रेशन प्लांट और ओवरहेड टैंक जैसे काम हो रहे हैं। जल जीवन मिशन जेएंडके से लोगों को घरद्वार पर सुविधा देने का लक्ष्य है। लोगों को औसतन हर रोज 70 से 80 लीटर पानी देने का लक्ष्य रखा गया है। जबकि 20 लीटर पानी पशुओं को मुहैया करवाना है।





कोट

बजट के लिए कागजी कार्रवाई पूरी की जा रही है। बजट जारी होने के बाद काम को सिरे चढ़ाया जाएगा। मौजूदा समय में बजट का संकट चल रहा है।



- रियाज भट्ट, अधीक्षण अभियंता, जल जीवन मिशन

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