जम्मू बस स्टैंड पर आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन की ओर से गुरुवार दोपहर में किए गए ग्रेनेड हमले में मरने वालों की संख्या शुक्रवार को एक से बढ़कर दो हो गई, जबकि 31 लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने हमलावर को पकड़ लिया है। उसने पूछताछ में बताया कि हिजबुल मुजाहिदीन के आदेश पर हमले को अंजाम दिया।
आईजी मनीष सिन्हा ने बताया कि ग्रेनेड फेंकने वाले की पहचान कुलगाम के यासिर जावेद भट उर्फ अरहान के रूप में हुई है। उसे हिजबुल मुजाहिदीन की ओर से हमला करने के ऑर्डर मिले थे। घटना के बाद कई टीमें इनपुट्स पर काम करने के लिए लगाई गई थीं। सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की पड़ताल और चश्मदीदों से मौखिक पूछताछ के आधार पर एक संदिग्ध को पकड़ा गया है। उसने पूछताछ के बाद ग्रेनेड हमला करने की बात कबूल की। वह घटना को अंजाम देने के बाद कश्मीर भाग रहा था।
जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर बन टोल प्लाजा के पास से उसे गिरफ्तार किया गया। बताया कि यासिर भट को हिजबुल मुजाहिदीन के कुलगाम डिस्ट्रिक्ट कमांडर फारूक अहमद भट उर्फ उमर ने ग्रेनेड हमले का आदेश दिया था। उसे हमले के लिए हैंडग्रेनेड दिया था। वह गुरुवार की सुबह जम्मू पहुंचा। इसके बाद आतंकी साजिश को अंजाम देकर मौके से फरार हो गया। आईजी ने यह भी बताया कि बस स्टैंड को इस वजह से निशाना बनाया गया क्योंकि वहां पर काफी भीड़ होती है और ज्यादा लोगों को टारगेट किया जा सकता है। बताया कि घायल 31 लोगों में 10 जम्मू संभाग, 10 कश्मीर संभाग और अन्य राज्य के 9 लोग और दो की पहचान नहीं हो पाई है।
आईजी ने बताया कि हमले में गंभीर रूप से घायल उत्तराखंड के हरिद्वार के टोडा निवासी मोहम्मद शारिक (17) की अस्पताल में मौत हो गई। वहीं शुक्रवार को 32 वर्षीय एक व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। इसके साथ ही हमले में मरने वालों की संख्या दो हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि अनंतनाग जिले के मट्टन गांव के निवासी मोहम्मद रियाज ने यहां सरकारी मेडिकल कॉलेज में आज तड़के दम तोड़ दिया। अन्य घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। विस्फोट होते ही अफरातफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे।