कड़े सुरक्षा इंतजाम के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को एमए स्टेडियम में जम्मू के लोगों को संबोधित करेंगे। जमीन से लेकर आसमान तक सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। स्टेडियम की आसपास की इमारतों पर शार्प शूटरों को तैनात किया गया है। मंगलवार को एयर सर्विलांस भी किया गया।
दिल्ली से पहुंचे स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) के कमांडों ने मंच के अलावा स्टेडियम के प्रमुख स्थलों को अपने घेरे में ले लिया है। फोर टायर सुरक्षा में एसपीजी के अलावा केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों, जेएंडके पुलिस की तमाम विंगों और कमांडों को लगाया गया है। सुरक्षा इतनी कड़ी है कि पक्षी भी पर न मार सके।
जम्मू के एसएसपी उत्तम चंद ने बताया कि रैली की सुरक्षा में तीन हजार से अधिक सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। सीआरपीएफ और पुलिस की संयुक्त रूप से तैनात की गई है। मंगलवार को होने वाली रैली के दौरान स्टेडियम में आने वाले हर शख्स की जांच की जाएगी।
स्टेडियम को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। स्टेडियम को जाने वाले हर रास्ते पर सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। उधर, सोमवार को शहर में पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने स्टेडियम के आसपास सगन तलाशी अभियान चलाया।
आने जाने वाले वाहनों की जांच की। डॉग स्कवॉयड और बम निरोध दस्तों के साथ स्टेडियम की जांच की। स्टेडियम के चारों और सुरक्षा कर्मियों का कड़ा पहरा लगा दिया गया है। आतंकी हमलों की सूचनाओं को लेकर पूरे शहर में सुरक्षा को पुख्ता कर दिया गया है।
इसके अलावा स्टेडियम के अंदरूनी हिस्से के अलावा मुख्य गेट के सामने दर्जनों मैटल डिटेक्टर लगाए गए हैं। रैली में पहुंचने वालों को यहां सुरक्षा जांच से गुजरना होगा। इसके अलावा बिक्रम चौक पर एक पुल पूर्ण रूप से हलके वाहनों के लिए भी बंद कर दिया गया है। इसके अलावा गुज्जर नगर और साइंस कालेज की ओर से आने वाले रास्तों में भी बैरिकेट्स लगाकर बंद कर दिया गया है।
पीएम काफिले की रिहर्सल से परेशान रहे लोग
प्रधानमंत्री के काफिले की सोमवार की दोपहर रिहसर्ल की गई। एयरपोर्ट से लेकर एमए स्टेडियम तक जिस मार्ग से प्रधानमंत्री का काफिला गुजरना है, वहां से वाहनों का काफिला निकला। इसे लेकर तमाम रास्तों को बंद कर दिया गया। अचानक रास्ते बंद होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
काफी देर इंतजार के बाद वाहन पहुंचे। बिक्रम चौक से स्टेडियम जाने वाले पुल को आम वाहनों से बंद कर दिया गया है। इसी कारण पीएम का काफिला ज्यूल की ओर से आने वाले पुल से निकाला गया।
इसी रास्ते प्रधानमंत्री वापस भी लौटेंगे। रास्ता बंद होने से परेशान लोगों का कहना था कि एक ओर प्रधानमंत्री अकसर कहते हैं कि उनके काफिले से आम लोगों को समस्या नहीं होनी चाहिए, वहीं उनके काफिले के रिहर्सल के कारण उन्हें रोक दिया गया।
उधर, पुलिस अधिकारियों का कहना था कि पीएम की सुरक्षा का मामला है। इसमें किसी तरह की कोताही नहीं की जा सकती। उनकी कोशिश है कि रिहर्सल के कारण अवाम को समस्या न हो। रिहर्सल के दौरान बिक्रम चौक, प्रेस क्लब के पास डोगरा चौक पर तमाम वाहनों को रोक दिया गया था। इससे कई इलाकों में जाम की स्थिति बनी रही।
तवी किनारे का इलाका रात को जगमगाया
अकसर अंधेरे में डूबा रहने वाला तवी नदी के किनारे का इलाका रातभर जगमगाता रहा। मंदिर-मस्जिद पुल से लेकर चौथे पुल तक का इलाका रोशनी में इस तरह नहाया, जैसे कोई समारोह हो। यह इंतजाम प्रधानमंत्री की रैली की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किया गा। इस क्षेत्र पर सुरक्षा बलों की पैनी नजर रही।