आंखों में आंसू और चेहरे पर बेचैनी। एक बच्ची गोद में दूसरी की उंगली पकड़े हुए एक महिला बीच परेड चौक पर रविवार को मदद के लिए पुलिस कर्मियों के सामने गिरगिरा रही थी। वह पुलिस वाले से बता रही थी कि उसके पर्स से किसी ने 25 हजार रुपये निकाल लिए। लेकिन पुलिस कर्मी ने तुरंत मदद के बजाय महिला से ही सवालों की झड़ी लगा दी। फिर कहा कि यह उसका क्षेत्राधिकार नहीं। सामने दूसरा पुलिस वाला खड़ा है, उसको जाकर बताओ।
दरअसल, परेड से राजतिलक रोड पर एक महिला रविवार को खरीददारी करने आई थी। महिला ने बताया कि जिस दुकान पर वह शॉपिंग कर रही थी, वहीं पर एक महिला चूड़ियां बेच रही थी। वह दुकानदार को सामान खरीदने के बाद पैसे देने लगी तो देखा कि बैग से 25 हजार रुपये गायब थे। आधार कार्ड और अन्य जरूरी कार्ड भी नहीं थे। न ही चूड़ियां बेचने वाली महिला मिली।
महिला रोती हुई परेड चौक पर आई। सामने खड़े पुलिस कर्मियों के पास गई। पुलिस कर्मियों ने महिला की बात सुनने के बजाय उससे ही सवाल करने शुरू कर दिए। यही नहीं, पुलिस कर्मियों ने महिला के साथ मौके पर जाने के बजाय उसे पुलिस चौकी ले जाकर पहले शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद महिला से कहा कि कार्रवाई हो जाएगी।
हैरानी की बात तो यह है कि परेड चौक पर रविवार दिनभर क्षेत्र के डीएसपी, बस स्टैंड के एसएचओ, पक्का डंगा के एसएचओ, परेड पुलिस चौकी प्रभारी सब मौजूद थे। बावजूद इसके दिनदहाड़े महिला के पैसे चुराए गए और महिला मदद के लिए दरबदर होती रही। महिला ने बताया कि वह रामगढ़ की रहने वाली है।