कश्मीरी पंडितों ने की अलग होमलैंड की मांग
होम लैंड डे : ‘डिवाइड द कश्मीर रिकॉग्नाइज द स्टेट’ विषय पर संगोष्ठी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। पनुन कश्मीर की ओर से आयोजित कार्यक्रम में ‘होम लैंड डे’ मनाया गया। शुक्रवार को प्रेस क्लब में आयोजित कार्यक्रम में ‘डिवाइड द कश्मीर रिकॉग्नाइज द स्टेट’ विषय पर संगोष्ठी हुई। इस दौरान कश्मीरी पंडित समुदय के लोगों ने घाटी में विस्थापित कश्मीरी पंडितों के लिए होम लैंड के निर्माण की मांग की।
इस दौरान कहा गया कि 28 दिसंबर 1991 में पारित ‘मार्गदर्शन’ में झेलम नदी के उत्तर और पूर्व में विस्थापित कश्मीरी पंडितों के लिए अलग होमलैंड के निर्माण के की मांग की है। संगोष्ठी में वक्ताओें ने कहा कि जब तक घाटी में कश्मीरी पंडिताें के लिए अलग से होमलैंड की मांग पूरी नहीं होगी तब तक कश्मीर नहीं जाएंगे। घाटी में कश्मीरी पंडितों की वापसी के लिए सरकार को बेहतर माहौल बनाना होगा। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि कश्मीरी पंडित अपनी तय शर्त पर ही घाटी में वापिस जाएंगे। कार्यक्रम सुशील पंडित और अन्य लोग मौजूद रहे। ब्यूरो