जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि आतंकवाद से लड़ने वाले जम्मू कश्मीर पुलिस के जवानों की लंबे समय से पदोन्नति लटकी हुई थी। पिछले दस साल से जम्मू कश्मीर पुलिस के 200 डीएसपी की पदोन्नति रुकी हुई थी। जम्मू एयरपोर्ट पर तैनात एक डीएसपी को आतंकवादियों से लड़ते हुए दस गोलियां लगी हैं, लेकिन उसकी पदोन्नति दस साल से रुकी थी। ऐसे में तत्काल फैसला लेते हुए 200 डीएसपी पदोन्नत कर दिए गए हैं और यह भी सुनिश्चित किया गया है कि आगे से पदोन्नति न अटके।
कठुआ में जीएमसी के उद्घाटन समारोह में उन्होंने राज्य प्रशासन की ओर से लिए गए तीन फैसलों को जनता के सामने रखा। उन्होंने कहा कि 800 डॉक्टरों की नियुक्ति तय कर दी गई है। साथ ही रोशनी एक्ट की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो को सौंप दी गई है। रोशनी एक्ट के नाम पर बड़े-बड़े लोगों ने जमीनें हथियाई थीं, उसकी एसीबी के जरिए जांच बैठा दी है। धांधली करने वाला बड़े से बड़ा आदमी भी अब नहीं बचेगा।
40 साल से लटका प्रोजेक्ट 20 मिनट में सुलझा
राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि शाहपुर कंडी परियोजना बनने के बाद रावी का पानी रावी-ब्यास सिस्टम में जाएगा। यह मसौदा चालीस साल से अटका था, जिसे बीस मिनट में सुलझा लिया गया और काम शुरू भी हो चुका है। बताया कि बीते दिनों केंद्रीय पीएमओ मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के हस्तक्षेप के बाद उज्ज मल्टीपर्पज परियोजना का मामला भी तय हो चुका है और केंद्र सरकार इस परियोजना में सौ फीसदी राशि खर्च करेगी। इसके बाद भारत पाकिस्तान को धमकाने की स्थिति में होगा कि पानी रोक दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन दोनों परियोजनाओं के बनने से 25 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होगी और कंडी के इलाकों में हरियाली होगी। साल भर के भीतर ही ऐसी स्थिति को हासिल करने की योजना है। पानी को पंजाब के बाद हरियाणा और राजस्थान तक मुहैया करवाया जा सकेगा।