औद्योगिक नीति में कितना निवेश?
प्रदेश की नई औद्योगिक नीति में अब तक 7460.39 करोड़ रुपये का निवेश जम्मू-कश्मीर में आया है। नीति के तहत तय लक्ष्य का यह महज 37 फीसदी है। 2021 से 2030 तक के लिए बनाई गई इस औद्योगिक नीति में साढ़े चार लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना थी, लेकिन अब तक यह आंकड़ा 20 हजार तक ही पहुंच पाया है, जो तय लक्ष्य का महज 4.5 फीसदी है। यही वजह है कि उद्योगपति इस नीति को आगे बढ़ाने की वकालत कर रहे हैं। बड़ी तादाद में उद्योग अभी पाइपलाइन में हैं, जिन्हें औद्योगिक नीति के तहत लाभ मिलने की संभावना है।
ये थीं नियम और शर्तें2021 की नई औद्योगिक नीति को अप्रैल माह से लागू किया गया था। इस नीति को 2030 तक जारी रखा जाना था। इसमें पहले चरण में उद्योगों का पंजीकरण आवश्यक था। नीति में शहरी क्षेत्रों में 30 प्रतिशत और ग्रामीण इलाकों में 50 प्रतिशत की दर से पूंजी निवेश पर प्रोत्साहन राशि दिए जाने का प्रावधान था। औद्योगिक समूहों के लिए छह हजार एकड़ भूमि का चयन किया गया। 40 वर्ष के लिए प्रारंभिक पट्टे पर आवंटित करने का प्रावधान है और इसे बाद में 99 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है।
औद्योगिक नीति को बढ़ाया जाए
औद्योगिक नीति का विस्तार किया जाना चाहिए। इस नीति में मिल रही रियायतों की वजह से प्रदेश में नए उद्योग खुलने शुरू हुए थे, लेकिन अब नीति को बंद कर दिया गया है। इसका असर निवेश से लेकर रोजगार तक पर पड़ रहा है। छूट की वजह से जो नए उद्योग जम्मू-कश्मीर में अपना काम शुरू कर सकते थे, उन्होंने भी अब हाथ खींच लिए हैं। यही हाल रहा तो उद्योगपति नए उद्योग लगाने में सफल नहीं होंगे। नीति को बढ़ाया जाना चाहिए।- ललित महाजन, अध्यक्ष, बीबीआईए जम्मू