पिछले साल, अमेरिका सहित 17 देशों के प्रतिनिधियों ने जम्मू-कश्मीर का दौरा किया था। उस दल में वियतनाम, दक्षिण कोरिया, ब्राजील, उज्बेकिस्तान, नाइजर, नाइजीरिया, मोरक्को, गुयाना, अर्जेंटीना, फिलीपींस, नॉर्वे, मालदीव, फिजी, टोगो, बांग्लादेश और पेरू के राजदूत शामिल थे। इसके अलावा यूरोपीय संघ के 23 सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल भी दो दिवसीय यात्रा पर जम्मू-कश्मीर गया था।
सुरक्षा चाक-चौबंद
विदेशी प्रतिनिधियों के दौरे से पहले मंगलवार को श्रीनगर में सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद कर दी गई। प्रमुख स्थलों पर सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। सभी सुरक्षा एजेंसियों ने अपने अधिकारियों और जवानों को सतर्क रहने के निर्देश दे दिए हैं। प्रतिनिधि मंडल के घाटी के बुधवार से शुरू हो रहे दौरे को ध्यान में रखते हुए सभी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार दल के यहां पहुंचने से पहले एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक बुलाई गई थी जिसमें सभी सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों ने भाग लिया और उनके दौरे को सुरक्षित बनाने के लिए एक रोड मैप तैयार किया गया।
श्रीनगर के कई इलाकों से हटाए गए सीआरपीएफ के बंकर
अनुच्छेद 370 हटने के बाद माहौल में सुधार होने तथा आतंकवाद व पत्थरबाजी पर काफी हद तक अंकुश की वजह से कई इलाकों से सीआपीएफ के लिए बनाए गए कई अस्थायी बंकर हटा दिए गए हैं। श्रीनगर शहर में जहांगीर चौक, करण नगर, बागात बरजुल्ला और राजबाग के इलाके से सीआरपीएफ के कुछ बंकर मंगलवार को हटाए गए। सीआरपीएफ के प्रवक्ता ओपी तिवारी ने बताया कि जहां इन बंकरों की जरूरत नहीं थी, वहां से इन्हें हटा दिया गया है। यह एक रूटीन प्रक्रिया है।