श्रीनगर। कश्मीर घाटी में मौसम के बदलाव और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए शुक्रवार को राजकीय नर्सिंग प्रशिक्षण विद्यालय बडगाम में एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इसमें स्वास्थ्य कर्मियों को हमेशा सतर्क एवं अपडेट रहने को कहा गया। प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न प्रखंडों के 20 से अधिक चिकित्साधिकारी सम्मिलित हुए।
शेर ए कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा सीएमओ बडगाम के सहयोग से राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम (एनपीसीसीएचएच) के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन बडगाम के सीएमओ डॉ. गुलज़ार अहमद डार ने किया। इस मौके पर उन्होंने जलवायु परिवर्तन से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं और इसके उपायों पर प्रकाश डाला। स्वास्थ्य कर्मियों को हमेशा सतर्क एवं अपडेट रहने को कहा।
एनपीसीसीएचएच के संभागीय नोडल अधिकारी डॉ. मकसूद उस हसन ने स्वास्थ्य प्रणालियों में समय पर कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया। तकनीकी सत्रों का नेतृत्व स्किम्स मेडिकल कॉलेज के सामुदायिक चिकित्सा विभाग के चिकित्सकों ने किया। एसोसिएट प्रो. डॉ. यास्मीन जान ने गर्मी से संबंधित बीमारियों और उसके प्रबंधन पर जानकारी दी।
असिस्टेंट प्रो. डॉ. बीनिश मुश्ताक ने वायु प्रदूषण से संबंधित बीमारियों और उसके निवारण पर चर्चा की। प्रो. अशफाक अहमद भट ने हरित और जलवायु-अनुकूल स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना पर अपने विचार साझा किया। समापन सत्र को संबोधित करते हुए डॉ. औसाफ गिलानी ने प्रतिभागियों को जमीनी स्तर की चुनौतियों को साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने स्किम्स और जिला स्वास्थ्य अधिकारियों के बीच निरंतर सहयोग की उम्मीद जताई।