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20 अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की मदद से रुकेगी घुसपैठ, इजराइल देगा साथ

Sun, 15 Jan 2017 02:09 PM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र, अमर उजाला/जम्मू
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बार्डर को हाई टेक बनाने का काम होगा पूरा - फोटो : File Photo
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पाकिस्तान सीमा और एलओसी पर घुसपैठ रोकने के लिए बीस अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की मदद से तकनीक विकसित की जा रही है। भारत-इजरायल संयुक्त कार्य समूह ने इस बाबत रणनीति तैयारी की है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की कार्ययोजना के तहत इस साल के अंत तक बार्डर को हाई टेक बनाने का काम पूरा कर लिया जाएगा।
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इसके लिए विस्तृत एकीकृत सीमा प्रबंधन प्रणाली विकसित की जा रही है। इसके लागू होने के बाद बार्डर पर गश्त के लिए अधिक जवानों की जरूरत नहीं होगी। रडार घुसपैठ की जानकारी देगा और सूचना के बाद त्वरित कार्रवाई कर घुसपैठ के पाकिस्तानी मंसूबे पर पानी फिर जाएगा। जम्मू-कश्मीर में सांबा और कठुआ के बार्डर पर सबसे पहले उच्च तकनीकी उपकरण स्थापित किए जाएंगे।

जम्मू-कश्मीर से लगने वाले पाकिस्तान बार्डर और नियंत्रण रेखा से आतंकियों द्वारा पूरे साल भर घुसपैठ की कोशिशें की जातीं हैं। बार्डर पर बीएसएफ और एलओसी पर सेना के जवान घुसपैठ रोकने के लिए अग्रिम पोस्टों से नजर रखकर कार्रवाई करते हैं और 24 घंटे गश्त की जाती है। सेना के सूत्रों के मुताबिक हाई टेक प्रणाली लागू होने के बाद बार्डर पर स्थित तकनीकी केंद्र पर घुसपैठ की कोशिश होते ही तुरंत जानकारी मिल जाएगी और मौके पर ही आतंकियों को ढेर किया जा सकेगा। 
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मधुकर गुप्ता समिति सौंप चुकी है रिपोर्ट

सीमा पर तैनात जवान - फोटो : File Photo
केंद्र सरकार ने बार्डर पर घुसपैठ रोकने के लिए उच्च तकनीकी युक्त व्यवस्था विकसित करने के सुझावों के लिए पूर्व केंद्रीय गृह सचिव मधुकर गुप्ता की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया था। कमेटी ने पिछले साल अगस्त में ही केंद्र को रिपोर्ट सौंप दी थी।

बाद में भारत-इजरायल संयुक्त कार्य समूह की कई बैठकों में इससे संबंधित रणनीति को अंतिम रूप दिया गया। सूत्रों के मुताबिक तकनीकी उपकरणों के लिए 20 अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को आर्डर दिए गए हैं।  
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औसतन 100 आतंकी घुसपैठ में होते हैं कामयाब

औसतन 100 आतंकी घुसपैठ में होते हैं कामयाब - फोटो : डेमो फोटो
वर्तमान में सेना और बीएसएफ की लगातार गश्त के बावजूद हर साल औसतन 100 आतंकी घुसपैठ में कामयाब हो जाते हैं। पाकिस्तान द्वारा सीजफायर उल्लंघन से घुसपैठ करने वाले को आतंकियों को कवरिंग फायर मिलता है।

सर्जिकल स्ट्राइक के बाद घुसपैठ की कोशिशों में लगातार इजाफा हुआ है। एक साल में पाकिस्तान की ओर से 150 आतंकी घुसपैठ कर जम्मू-कश्मीर के इलाकों में दाखिल हुए। 
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