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घाटी में 2 एसपीओ ने दिया इस्तीफा, कुल संख्या 5 पहुंची

Sat, 01 Sep 2018 09:53 PM IST
अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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पुलिसकर्मियों के परिजनों के अगवा की घटना के बाद घाटी में 2 और एसपीओ ने इस्तीफा दिया और अब तक कुल 5 पुलिस के एसपीओ ने सार्वजनिक तौर पर इस्तीफा देकर अपनी नौकरियां छोड़ी दी। वहीं राजीनतिक दलों का कहना है कि मामला काफी गंभीर है, सरकार को सुरक्षा का माहौल देना चाहिए। 

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आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के ऑपरेशनल कमांडर रियाज नाइकू की पुलिस कर्मियों के परिजनों को नुक्सान पहुंचाने की धमकी के बाद दक्षिणी कश्मीर में पिछले 24 घटनों के भीतर पुलिस के 5 एसपीओ ने नौकरी छोड़ने का फैसला लिया है। उन्होने स्थानीय मस्जिदों से अपने इस्तीफे का सार्वजनिक तौर पर ऐलान किया। इस्तीफा देने वालों में से 2 ने आज इस्तीफा दिया जिनमें जैनापुरा शोपियां का उमर इसाक और आरिहाल पुलवामा का गुलज़ार अहमद वागे शामिल है जबकि काजीगुंड के फैसल अहमद शाह, शोपियां के अजमल अमीन और मिडूरा त्राल के बिलाल अहमद कुमार ने कल ही जुमे की निमाज के बाद अपने इस्तीफे का ऐलान किया था। बता दें कि हिज्ब कमांडर ने कल एक ऑडियो संदेश जारी कर धम्की दी थी।  

वहीं पुलिस कर्मियों के परिजनों को अगवा करने और एसपीओ के इस्तीफा देने के मामले पर कल से पुलिस चुपी साधे हुए है मगर राजनीतिक दलों ने इसे चिंताजनक बताया है। कांग्रेस के सीनियर नेता ताज मोहियूदीन ने एसपीओ को धमकी देने की निंदा करते हुए कहा कि वेह मात्र 6000 रुपयों के लिए अपने रोजगार के लिए काम करते है और लोगों की हिफाजत करते है, ऐसे में इनको या इनके परिवार को छेड़ना गलत है। यह आतंकियों की जियादती है। पीडीपी के रफी मीर के कहा कि परिवार चाहे आतंकी का हो या पुलिस कर्मी का उनका इस लड़ाई से कुछ लेना देना नहीं और सरकार को जोर देना चाहिए कि एक सुरक्षित माहौल पैदा हो। नेका के आली मोहम्मद सागर ने भी कहा कि पुलिस और आतंकियों दोनों को किसी के भी परिवारों के साथ चीदछाड़ नहीं करनी चाहिए।
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गौरतलब है कि आतंकी लगतार एसपीओ को नौकरी छोड़ने की धमकी देते आ रहे थे और कई एसपीओ को अगवा कर उन्हें टॉर्चर भी किया गया गया। और अगर सूत्रों की माने तो केवल अगस्त के महीने में 10 एसपीओ नौकरी छोड़ चुके है। लेकिन अब परिवार को निशाना बनते वेह और ज्यादा घबरा गए है। 

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