फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सबूत के अभाव में जम्मू-कश्मीर में दो कथित आईएसआई एजेंट बरी

Sat, 24 Sep 2016 07:20 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
विज्ञापन
कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एमए चौधरी ने कथित आईएसआई आतंकियों मुजफ्फर इलाही निवासी मल्हार छात्रू किश्तवाड़ और इलम दीन निवासी छात्रू जंसार किश्तवाड़ को बरी करने का फैसला दिया। कोर्ट ने पाया अभियोजन आरोप साबित करने में नाकाम रहा। 
विज्ञापन


पुलिस केस अनुसार एसओजी जम्मू के इंस्पेक्टर जावेद नार को सूचना मिली थी कि रेलवे स्टेशन वैष्णो देवी धाम के नजदीक कुछ आतंकी पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई के सहयोग से पहुंचे हैं। वह स्टेशन या आसपास क्षेत्र में हमला करने की फिराक में हैं। उनके पास खतरनाक हथियार बरामद किए गए हैं।

 सूचना के बाद पुलिस ने सीआरपीएफ से मिलकर नगर में नाके लगाए। वैष्णो देवी धाम के नजदीक पुलिस नाके को देखकर एक आदमी छिपने का प्रयास करने लगा। पुलिस ने संदिग्ध मानते हुए उसे पकड़ा। उसने अपना नाम मुजफ्फर इलाही उर्फ सोहेल बताया। उसकी तलाशी ली और हूजी का सक्रिय आतंकी बताया। 
विज्ञापन

चाइनीज पिस्तौल, एक मैगजीन की हुई बरामदगी

sdf
रिपोर्ट के अनुसार तलाशी के दौरान एक चाइनीज पिस्तौल, एक मैगजीन, छह जिंदा कारतूस, एक हथगोला बरामद किया। उसके खिलाफ मामला दर्ज किया और पूरे मामले की जांच एसडीपीओ ईस्ट को सौंपी गई।

एसडीपीओ ने मौके पर जाकर पूरी जानकारी ली और नक्शा बनाया। गवाहों के बयान दर्ज किए और मुजफ्फर इलाही को भी हिरासत में लिया। जांच के दौैरान दोनों ने बताया कि 1 लाख 26 हजार रुपये उन्हें हवाला राशि से मिले हैं, जो पाकिस्तान से आई है। हवाला राशि को इलमदीन लाया, जो उसके पिता के पास है। 
विज्ञापन

पीका गन, कारबाइन, हवाला से आए पैसे भी जब्त

डेमो पिक
रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने इलम दीन को भी पकड़ा। इलम दीन से पीका गन व कारबाइन भी जब्त की गई। कारबाइन इंद्रवल के पूर्व विधायक के पीएसओ इरशाद अहमद से छीनी गई थी। दोनों आरोपियों को पकड़ा और हवाला की राशि को बरामद किया। पीका गन, कारबाइन भी इलम दीन के बताए स्थान से बरामद किया।

कोर्ट ने एडिशनल प्रोसीक्यूटिंग आफिसर अजय सिंह मन्हास की दलीलों के बाद पाया कि किसी भी ब्लास्टिक विशेषज्ञ से राय नहीं ली गई कि बरामद किया गए हथियार काम कर रहे हैं कि नहीं। कई सबूत भी इस मामले में नहीं हैं और आरोप पूरी तरह से साबित नहीं हो रहे हैं। पुलिस चालान को रद्द करते हुुए दोनों आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें