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नक्सली हमले के शहीदों में दो जवान जम्मू-कश्मीर के

Thu, 04 Dec 2014 12:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
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उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के पट्टन इलाके के बरन गांव और रामगढ़ के गांव कलाह स्वांखा के लोगों की आंखों में बुधवार को उस आंसू भर आए जब उन्हें पता चला कि गांव का लाडला नक्सली हमले में शहीद हो गया। छत्तीसगढ़ के सुकुमा जिले के घने जंगलों में नक्सलियों ने घात लगाकर हमला किया था।
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कलाह स्वांखा गांव के तेइस वर्षीय शहीद दीपक कुमार के पिता तरसेम लाल काफी पहले दुनिया को छोड़ गए थे। उनके सिर पर मां की ममता भी नहीं थी। शहीद की एक विवाहित बहन है। बहन और बहनोई का रो-रोकर बुरा हाल है। शहीद दीपक सीआरपीएफ की 223वीं वाहिनी में तैनात थे।

शहीद का पार्थिव शरीर जैसे ही गांव लाया गया, दर्शन के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। लोगों की आंखों में गम के आंसू तो थे ही, लेकिन गर्व से सीना चौड़ा था कि गांव के सपूत ने नक्सलियों से लोहा लेते हुए वीरगति को प्राप्त किया। घर में इतनी लोग जमा थे कि पैर रखने की जगह तक नहीं मिल रही थी।
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शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। शहीद को पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। सीआरपीएफ के जवानों ने फायरिंग कर शहीद को सलामी दी। शहीद के चाचा बोधराज ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस मौके पर सीआरपीएफ के आईजी कुलदीप राज, डीआईजी सुधीर सिंह डोगरा, डीसी सांबा मुबारक सिंह, एसएसपी अनिल मंगोत्रा एसडीएम सोनू समेत राजनीतिक दलों के लोग मौजूद रहे।

उधर, पट्टन इलाके के बरन गांव में बुधवार दोपहर सीआरपीएफ जवान मोहम्मद शफी भट का पार्थिव शव पहुंचने पर शोक की लहर फैल गई। जवान के अंतिम दर्शन करने को लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। शहीद को पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस मौके पर सीआरपीएफ, स्थानीय प्रशासन, पुलिस के आला अधिकारी समेत परिवार वाले, रिश्तेदार मौजूद रहे।
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