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भारतीय एथलीट को अमेरिका ने वीजा देने से किया इनकार

Wed, 01 Feb 2017 02:06 AM IST
एजेंसी/श्रीनगर
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donald trump
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कश्मीर घाटी के स्नोशुअर (एथलीट) खिलाड़ी और उसके मैनेजर को अमेरिका ने कथित रूप से वीजा देने से इनकार कर दिया है। इस इनकार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई वीजा नीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
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न्यूयार्क के सारानैक लेक गांव के मेयर क्लायड राबिड्यू ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा, अमेरिका ने अपनी नई वीजा नीति के तहत दो भारतीय स्नोशुअर को वीजा देने से इनकार कर दिया है। यह जानकारी फेसबुक मैसेजिंग के माध्यम से हमारे अच्छे मित्र कश्मीर के रहने वाले आबिद खान ने दी है। 

जानकारी के अनुसार कश्मीर के स्नोशुअर खिलाड़ी तनवीर हुसैन और उसके मैनेजर आबिद खान को न्यूयार्क में 24-25 फरवरी को प्रस्तावित वर्ल्ड स्नोशू चैंपियनश्प्सि में हिस्सा लेना था। इस मामले में अमेरिकी दूतावास के अधिकारियाें की तरफ से कोई भी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राबिड्यू और खान के बीच फेसबुक पोस्ट के जरिए हुई बातचीत में खान ने इसकी जानकारी दी।
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'नई वीजा नीति का दिया गया हवाला'

कश्मीरी खिलाड़ी तनवीर हुसैन - फोटो : ANI
डेमोक्रेट मेयर से मुखातिब खान ने कहा, माफ कीजिए, हमें वीजा देने से इनकार दिया गया है। खान ने दावा किया कि दोनों ने दस्तावेजी औपचारिकताओं को पूरा कर लिया था। स्थानीय सरकार की स्पांसरशिप, फेडरेशन, सपोर्ट लेटर, वित्तीय पृष्ठभूमि समेत कोई भी औपचारिकता नहीं छोड़ी गई थी।

खान ने बताया, नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास में सभी दस्तावेज जांचने के बाद महिला अफसर कमरे के भीतर चली गई। लौटने पर उसने कहा, माफ कीजिए, हमारी नई वीजा नीति के तहत आपको वीजा नहीं दिया जा सकता है। राबिड्यू ने खान को आश्वासन देकर कहा, यह वीजा नीति टिकने वाली नहीं है। 
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वीजा नीति नहीं कुछ और कारण रहा होगा : खेल मंत्री

जम्मू-कश्मीर के खेल मंत्री इमरान रजा अंसारी - फोटो : FILE PHOTO
जम्मू-कश्मीर के खेल मंत्री इमरान रजा अंसारी का कहना है कि वीजा नहीं देने के पीछे ट्रंप प्रशासन की नई नीति वजह नहीं हो सकती। कई मर्तबा खुद उनका वीजा भी रिजेक्ट किया गया है जिसके पीछे किसी औपचारिकता की खामी वजह रही है।

अमेरिका के नए राष्ट्रपति की वीजा नीति में जम्मू-कश्मीर समेत पूरे भारत की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। अव्वल तो इस मामले में भी कोई औपचारिकता की कमी होगी, इसके बावजूद, कश्मीरी खिलाड़ी और मैनेजर उनसे संपर्क करते हैं तो निश्चित रूप से मामले को उचित मंच पर उठाया जाएगा। बाकायदा लिखित में अनुशंसा भेजी जाएगी।
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