श्रीनगर में फंसे लगभग 2500 लोगों को अब तक जम्मू लाया जा चुका है। शेष लोगों को लाने का काम सेना द्वारा युद्धस्तर पर किया जा रहा है। सामान लेकर श्रीनगर जाने वाले विमानों में वापसी पर लोगों को लाया जा रहा है।
वायुसेना से दो बड़े विमान शामिल करने के लिए आग्रह किया गया है, ताकि फंसे लोगों को जल्द से जल्द जम्मू लाया जा सके।
एनआईटी, डेंटल कालेज, जीएमसी श्रीनगर में फंसे छात्रों और बख्शी स्टेडियम में फंसे खिलाड़ियों को निकाल कर जम्मू लाया गया है। अभी भी कई छात्र वहां फंसे हुए हैं।
संभाग में अब तक 153 लोगों समेत 2000 मवेशी की मौत
रियासत में आई बाढ़ और प्राकृतिक आपदा से अब तक जम्मू संभाग में 153 लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वाले लोगों का आंकड़ा दो सौ के पार पहुंचने की आशंका है। वहीं, इस आपदा में दो हजार मवेशी की मौत हो चुकी हैं। संभाग के कुल 3300 गांवों में से 1600 गांव पूर्ण या आंशिक तौर पर बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
सेना ने अभी तक 25 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। ये खुलासा डिवीजनल कमिश्नर शांत मनु और आईजी राजेश कुमार ने पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में किया। डिवकॉम ने कहा कि जिन क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदा से नुकसान हुआ है, वहां सर्वे शुरू किया जा रहा है, ताकि नुकसान का आंकलन हो सके।
प्रभावितों को मुख्यमंत्री फंड से आर्थिक मदद दी जा रही है, जबकि प्रधानमंत्री की ओर से घोषित 2-2 लाख रुपये की मदद राशि अभी पहुंचनी है।
20 छोटे हलके वाहनों को श्रीनगर भेजा गया
डिवकाम के अनुसार जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे क्षतिग्रस्त होने के कारण श्रीनगर को भेजी जाने वाली सहायता भी प्रभावित हो रही है। रामसू के पास लगभग 300 मीटर हाईवे पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है।
वहां वैकल्पिक रास्ता बनाया गया है, जहां से बाढ़ प्रभावितों के लिए सामग्री लेकर जाने वाले 20 छोटे हलके वाहनों को वीरवार को श्रीनगर रवाना किया गया। कई स्थानों पर मार्ग दुरुस्त कर लिए गए हैं।
चार पुलों के निर्माण के लिए सेना को आग्रह किया गया है। जिसकी जल्द मरम्मत कर ली जाएगी। एक सप्ताह के अंदर तमाम मार्गों को दुरुस्त कर लिया जाएगा।
आईजी राजेश कुमार ने कहा कि पंचेरी सहित तीन स्थानों पर बचाव कार्य चल रहा है। पंचेरी में पुलिस के सौ से ज्यादा जवान लगे हुए हैं। नेशनल डिजास्टर रिस्पांस टीम (एनडीआरएफ) को भी लगाया गया है।
सड़क मार्ग न होने के कारण मशीनें ले जाने में समस्या आ रही है। डीआईजी उधमपुर और रियासी स्वयं मौके पर डटे हुए हैं। जल्द ही वहां पहाड़ की चट्टानें हटाने का काम शुरू हो जाएगी।