कठुआ। रसाना मामले में आठ साल की बच्ची को इंसाफ दिलाने और सीबीआई जांच की मांग पर कठुआ के युवकों ने सोमवार को शहीदी चौक पर धरना शुरू कर दिया। युवकों ने कहा कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, धरना जारी रहेगा। युवाओं ने सरकार को कोसते हुए कहा कि बच्ची को इंसाफ चाहिए न की धर्म पर राजनीति। उन्होंने नेशनल मीडिया को भी आड़े हाथ लेते हुए कहा कि जिले का माहौल खराब करने में इनका भी हाथ है।
धरने में शामिल मयंक भगोत्रा, मनोज राजपूत, अभिषेक शर्मा, सुमित, अमित सूदन आदि ने कहा कि अब जब तक सीबीआई जांच नहीं होती और सच्चाई सबके सामने नहीं आती, सुबह दस बजे से शाम छह बजे तक हर रोज धरना होगा। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच की मांग के लिए सरकार और क्राइम ब्रांच ने ही बाध्य किया है। जिस प्रकार से सरकार ने इस मामले को उछाला और धर्म की राजनीति की और क्राइम ब्रांच की टीम के अधिकारियों केे भी बदला गया, उससे साफ है कि जांच सही से नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि इतना सब होने के बाद मुख्यमंत्री को त्यागपत्र दे देना चाहिए, क्योंकि राज्य की मुख्यमंत्री होने के बाद भी वह इस मामले के कारण बिगड़े माहौल को ठीक नहीं कर पाईं। उल्टा उन्होंने इस मामले में दखल देकर स्थिति को बिगाड़ा। उन्होंने कहा कि कोर्ट में आरोपियों ने नार्को टेस्ट की मांग की है। यदि सही से जांच होती तो क्राइम ब्रांच यह टेस्ट करवाने की मांग करती।
बच्ची को इंसाफ दिलाने के लिए निकाली रैली
कठुआ यूथ के बैनर तले शहर के युवाओं ने बच्ची को इंसाफ दिलाने के लिए शहर के मुखर्जी चौक से शहीदी चौक तक रैली निकाली। इस दौरान उन्होंने राज्य की मुख्यमंत्री के खिलाफ नारे भी लगाए और बच्ची को इंसाफ न दिला पाने के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए और इसके लिए सरकार को पूर्व में ही प्रयास करना चाहिए था। अब मामला कोर्ट में है तो उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।