श्रीनगर। ज्वाइंट रेसिस्टेंस लीडरशिप सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और यासीन मलिक ने 26 जनवरी को कश्मीर बंद का आह्वान किया है।
संयुक्त बयान में इन नेताओं ने कहा कि शुक्रवार की नमाज के बाद लोग सड़कों पर उतरकर सुरक्षा बलों के खिलाफ नारे लगाएं। शोपियां में 17 साल के किशोर शाकिर अहमद मीर की मुठभेड़ के दौरान मौत हो गई थी। इससे सुरक्षाबलों के प्रति लोगों में काफी रोष है। उन्होंने कहा है कि आतंकवाद के नाम पर आम लोगों को तंग किया जा रहा है। अब तक कई सिविलियन मारे जा चुके हैं और सरकार आम लोगों की आवाज दबाने में लगी है। सैयद अली शाह गिलानी ने कहा है कि ऐसे युवाओं की शहादत को घाटी के लोग कभी नहीं भूलेंगे। कश्मीर की स्वतंत्रता की मुहिम जारी रहेेगी। हंदवाड़ा में पूर्ण बंद को भी इन अलगाववादी नेताओं ने सराहा।
इस मौके पर वंधामा में 25 जनवरी 1998 को सुरक्षा बलों द्वारा मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि भी दी गई। इस कांड में 23 लोगों की मौत हो गई थी। इन नेताओं ने कहा पिछले 30 सालों से सुरक्षा बल दमनकारी नीति अपनाए हुए हैं। आम जनता को मारा जा रहा है। उधर, तहरीक ए हुर्रियत ने वीरवार को हंदवाड़ा में पूर्ण बंद रखा और 25 जनवरी 1998 को मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि भेंट की। बशीर अहमद सोफी, मंजूर अहमद, सैफ उद दीन मीर, अब्दुल अहमद मीर सहित दर्जन भर लोगों ने फतेह खवानी अता की।