नौशेरा। जिला के लिए चल रहे आंदोलन के 23वें दिन अपनी-अपनी पार्टियों से नाराज भाजपा और पीडीपी के कई सदस्यों ने अपने पदों से त्यागपत्र दे दिया। उन्होंने कहा कि अभी तो यह शुरुआत है, यदि नौशेरा को जिला नहीं बनाया गया तो यह सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है।
शनिवार को नौशेरा को जिला बनाने के लिए चल रहे आंदोलन के 23वें दिन भी बाजार बंद रहे। इस दौरान प्रदर्शनकारियो ंने सरकारी कार्यालयों और बैंकों को भी नहीं खुलने दिया। लोगों ने विधायक रविंदर रैना और भाजपा के मंत्रियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। व्यापार मंडल के बैनर तले निकाले गए जुलूस में शनिवार को भी एलओसी से सटे इलाकों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। आंदोलन में सभी समुदायों ने एकजुटता दिखाई। पटेल चौक से सरकार के खिलाफ निकाली गई रोष रैली में हिंदू-मुस्लिम-सिख-ईसाई, सब आपस में भाई-भाई के नारे से सभी समुदायों के लोगों ने अपनी एकजुटता दिखाई। यह रैली झांगर चौक, मुख्य मुख्य अड्डे से होते हुए तहसील हेडक्वार्टर पहुंची, जहां लोगों ने धरना दिया। यहां लोगों ने सांसद जुगल किशोर शर्मा के प्रति भी रोष जताया। उन्होंने कहा कि यदि जनता किसी को अर्श तक पहुंचा सकती है, तो उसे फर्स पर भी ला पटकने की क्षमता रखती है। जुगल को नौशेरा की जनता ने भरपूर वोट दिए थे, लेकिन उसे उसका फल नहीं मिला। इसका जवाब स्थानीय लोग जरूर देंगे।
सरकार कर रही ‘फूट डालो, राज करो’ की राजनीति
तहसील हेडक्वार्टर में धरने के दौरान वक्ताओं ने भाजपा पर सत्ता के लालच में नौशेरा, सुंदरबनी और कालाकोट की जनता को आपस में लड़वाने का आरोप लगाया। नौशेरा व्यापार मंडल के उप प्रदान रविकांत गुप्ता ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि भाजपा-पीडीपी सरकार ने हमारे जज्बात को भड़काया है। अब उसे इसका सबक सिखाया जाएगा। सरकार का ‘एडीसी फार्मूला’ हमें मंजूर नहीं। जब तक सरकार नौशेरा को जिला नहीं बनाती यह आंदोलन नहीं खत्म होगा। सभा में भारत भूषन ने कहा कि भाजपा के मंत्रियों व विधायक को अपने वादे याद नहीं हैं। हम उनको याद दिलाएंगे। कालाकोट को साजिश के तहत कोटरंका में मिलाया गया है। इस दौरान नौशेरा के विधायक रविंदर रैना, स्वास्थ्य मंत्री बाली भगत और डिप्टी सीएम निर्मल सिंह के खिलाफ लोगों ने जमकर नारेबाजी की। लंबरदार पुखरणी मोहम्मद बशीर व प्रेस क्लब नौशेरा के चेयरमैन डॉक्टर भुवनेश्वर शर्मा ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अब लोग सरकार की फूट डालो, राज करो की राजनीति समझने लगे हैं। इसलिए अब वे हमें मूर्ख नहीं बना पाएंगे।
‘हमें तो अपनों ने लूटा, गैरों में कहां दम था...’
नौशेरा। तहसील हेडक्वार्टर में भाजपा की महिला मोर्चा जिला प्रदान बबु गुंबल ने अपनी ही पार्टी पर तंज कसते हुए कहा कि कि ‘हमें तो अपनों ने लूटा, गैरों में कहां दम था...।’ इसके बाद उन्होंने भाजपा से इस्तीफा दे दिया। गुंबल ने कहा कि नौशेरा में जिला के लिए आंदोलन चल रहा था, लेकिन बदले में हमें मोबाइल एडीसी दिया जा रहा है। हमारे साथ धोखा किया गया। धोखा देने वाले भी अपने ही निकले। अब जब सब साफ हो गया है, तो ऐसे लोगों के साथ नहीं चला जा सकता है। इसी तरह पीडीपी के जोनल इंचार्ज सुखदेव सिंह ने भी मंच से ही अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी। उन्होंने रोष प्रकट करते हुए कहा कि हमने पार्टी से इस्तीफा दिया है, लेकिन नौशेरा को जिला बनाने के लिए चल रहे आंदोलन से नाता बना रहेगा। इसके लिए ही इस्तीफा दिया है। अब और जोर लगाकर आंदोलन में शामिल होंगे। ब्यूरो
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जिले की जंग में कूदे सेरी के ग्रामीण
नौशेरा। जिला की जंग की चिंगारी शनिवार को सेरी गांव में भी पहुंच गई। यहां लोगों ने सड़क मार्ग पर टायर जला कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। पंचायत सेरी के पूर्व सरपंच बलवंत राज की देखरेख में सेरी, सयाल, डीग, गगरोट, मगयोट आदि इलाकों में लोगों ने सरकार के फैसले के खिलाफ मोर्चा खोला। बलवंत राज ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि सरकार यदि जल्द नौशेरा को जिला नहीं बनाती है तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। ब्यूरो