आरएस पुरा। सीमा पर अब शांति दिखाई दे रही है। पिछले दिनों भारत-पाक के बीच बने माहौल के चलते सीमावर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों में तनाव दिखाई दे रहा है। सीमा से सटे पाकिस्तान के अधिकतर गांव में अब कोई दिखाई नहीं दे रहा है। ग्रामीण बुजुर्गों व महिलाओं को सगे- संबंधियों के यहां शाम को भेज देते हैं। दिन निकलने पर वापस गांव में ले आतेे हैं।
सीमावर्ती गांव लाईया के रोशन लाल का कहना है कि गांव छोड़ न पाने का मुख्य करण मवेशियों के लिए चारा और उनकी देखभाल है। सुरक्षित स्थानों पर मवेशियों को ले जाना भी मुश्किल। गांव बेरा की विजय चिब का कहना है कि सीमावर्ती ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर प्लाट मुहैया कराए जाने के लिए कहा गया लेकिन यह वादा पूरा नहीं किया गया। खेतीबाड़ी पर निर्भर ग्रामीणों का घर छोड़ पाना मुश्किल है। दूसरी ओर आरएस पुरा की अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे पाकिस्तान के गांव में कई दिन से सन्नाटा पसरा है। सीमावर्ती गांव के सरदारी लाल, मोहन लाल, हंसराज का कहना है कि जिस दिन वायुसेना ने बालाकोट में कार्रवाई की थी, उसके बाद अधिकतर पाकिस्तान के ग्रामीण अब गांव में नहीं दिखाई देते। पहले हर रोज इन गांव की मस्जिदों से अजान की आवाज नहीं सुनाई देती थी, जिससे लगता है कि पाकिस्तान क्षेत्र में लगे लाउड स्पीकर बंद कर दिए गए हैं। इन ग्रामीणों का कहना है कि पाकिस्तान के किसान भी इन दिनों अपने क्षेत्र में खेतीबाड़ी करते हुए नहीं दिखाई दे रहे, जिससे लगता है कि उनमें दहशत बनी हो सकती है।
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34 घंटों में पाकिस्तान की तरफ से नहीं हुई कोई हरकत
ज्यौड़ियां। एलओसी पर पलांवाला सेक्टर में मंगलवार को भारत-पाक सीमा पर शांति बनी रही है। इन 34 घंटों में पाकिस्तान सेना की तरफ से कोई हरकत नहीं की गई है। सीमा से सटे गांव के लोगों के मुताबिक पाक क्षेत्र से पहले वहां की मस्जिदों में लगे लाउड स्पीकरों की आवाज आती थी, जो अब सुनाई नहीं दे रही है।
सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान सेना की भी हरकत अब शांत है। इसके पीछे पाकिस्तान की क्या मंशा है कुछ समझ में नहीं आ रहा है। उसके बावजूद भी प्रशासन की तरफ से सीमावर्ती लोगों को हिदायत दी गई है कि शाम के समय गांवों से बाहर सड़कों पर नहीं निकलें। एक स्थान पर ज्यादा लोग इकट्ठे नहीं हों।
सनद रहे कि सोमवार की सुबह तड़के एलओसी पर पलांवाला सेक्टर के घिगडयाल, बदोवाल तथा घरड क्षेत्र में पाक सेना ने सीजफायर का उल्लंघन करते हुए भारतीय पोस्टों को निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना ने भी करारा जवाब दिया था।
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धमाकों से क्षेत्र में दहशत का माहौल
अरनिया। नोशेरा और अखनूर सेक्टर में हो रही गोलाबारी का असर क्षेत्र में भी देखने को मिल रहा है। इसके चलते सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों में दहशत है। स्थानीय लोगों के अनुसार करीब एक हफ्ते से इन सेक्टरों में पाकिस्तान की तरफ से लगातार गोलाबारी के धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही हैं।
हालांकि अभी तक अरनिया की सीमा पट्टी दोनों ओर से शांत है, मगर फि र भी धमाकों की आवाजें से लोगों में दहशत है। रमेश कुमार, पूर्ण चन्द, राम लाल, तिलक राज व मोहिंदर सिंह आदि लोगों का कहना है कि भले ही यह धमाके क्षेत्र से काफी दूर हो रहे हैं मगर उन धमाकों का रुख कब और किस तरफ बदल जाए इसका पाक पर यकीन करना मुश्किल है, क्योंकि आईबी की हमारी यह सीमा पट्टी एलओसी के साथ जुड़ी हुई है, जिसके कारण हर समय पाक गोलाबारी का भय बना हुआ है। ब्यूरो