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पेट्रोल-डीजल की आसमान छूती कीमतों से भारी रोष

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पेट्रोल और डीजल - फोटो : file photo
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राजोरी। कर्नाटक चुनाव के बाद अचानक से पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से न सिर्फ वाहन चालकों वरन अन्य व्यापारियों व आम लोगों में भी मोदी सरकार के प्रति भारी रोष है। व्यापारियों ने कहा है कि यदि इस तरह से मोदी सरकार कीमतों को नीचे-ऊपर करने का खेल करेगी तो यह व्यापार के लिए सही नहीं है। ऐसे में वे हड़ताल का रास्ता अपना सकते हैं।

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सोमवार को राजोरी के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल 79.59, जबकि डीजल 70.04 रुपये बेचा गया। इससे पहले पेट्रोल 78.66, जबकि 69.31 रुपये प्रति लीटर की दर से बिका था। यानी पेट्रोलियम कंपनियों ने दूसरी ही समीक्षा में पेट्रोल की कीमत में करीब एक रुपये, जबकि डीजल में पचास पैसे प्रति लीटर बढ़ा दिए।

इस बारे में युवाओं और व्यापारियों से बात की गई तो सभी ने इसके लिए मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया। राजोरी के व्यापारमंडल प्रधान राजेश गुप्ता उर्फ बिट्टू शाह ने केंद्र की भाजपा सरकार के प्रति कड़ा रोष प्रकट करते हुए बताया कि बार बार बढ़ रही पेट्रोल डीजल की कीमतों से खाद्य पदार्थो के दामों में भी बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में गरीब और मजदूर तबके के लोग तो दूर हर वर्ग का व्यक्ति परेशान है। सरकार को समझ होनी चाहिए कि जब पेट्रोल डीजल की कीमतों बढ़ती हैं तो इस का सीधा असर आम जनता के जेब पर पड़ता है।
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गुप्ता ने सरकार से गुहार लगाते हुए कहा कि सरकार कीमतो को नियंत्रण करने के लिए ठोस कदम उठाए नहीं तो व्यापारी वर्ग मजबूर हो कर सउ़कों पर नतर आएगा और सरकार के लिए हालात को नियंत्रण में कर पाना कठिन हो जाएगा। अतुल गुप्ता ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि पिछले एक वर्ष में एक बार भी पेट्रोल डीजल के दाम कम नहीं हुए हैं, बल्कि हर बार दाम बढ़ते जर रहे हैं, क्या यही हैं मोदी के अच्छे दिन।

नदीम अहमद मीर, राहिल ने कड़ा रोष प्रकट करते हुए कहा कि जिस तरह से पेट्रोल डीजल की कीमतें बढ़ने से महेगाई बढ़ती ता जा रही है उससे लगता है कि वह दिन दूर नहीं जब आम जनता भूख से मरने लगेगी। पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे देश वासियों के लिए मोदी को चाहिए कि अब पेट्रोल डीजल पर एक्साइज ड्यूटी की छूट दें, ताकि आसमान छू रही कीमतों पर लगाम लग सके।

उन्होंने सरकार से पेट्रोलियम पदार्थों को भी जीएसटी के दायरे में लाने की मांग की, ताकि महंगाई नियंत्रण में रहे। अबरार खान ने केंद्र की मोदी सरकार के प्रति रोष व्यक्त करते हुए कहा कि मोदी सरकार न तो भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा पाई है और न कमरतोड़ महंगाई पर। पीएम मोदी को चाहिए कि वह विदेशों के दौरे बंद कर अपने देश की जनता के बारे में सोचें।

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