सेना प्रमुख के साथ जम्मू-कश्मीर की छात्राएं
- फोटो : ADGPI-INDIAN ARMY
एक तरफ घाटी में कुछ स्कूल-कालेज की छात्राएं अलगाववादियों के उकसावे में सुरक्षा बलों पर पत्थर बरसाकर अपना भविष्य खराब कर रही हैं, वहीं जम्मू-कश्मीर की ही रहने वाली ये 15 लड़कियां अपना भविष्य संवार कर अपना कॅरियर बनाना चाहती हैं। इन लड़कियाें का रोल मॉडल कोई आतंकी नहीं, बल्कि देश के राष्ट्रपति डा. प्रणव मुखर्जी हैं।
जम्मू कश्मीर की रहने वाली ये 15 लड़कियां मंगलवार को देश के दिल यानी दिल्ली में थीं। भारतीय सेना ने देश को जोड़ने की योजना सद्भावना के तहत इन लड़कियों को 2 से 11 मई के बीच श्रीनगर, बंगलूरू और दिल्ली का टूर कराने का फैसला किया था।
उड़ी की रहने वाली इन लड़कियों ने दिल्ली में मीडिया से बातचीत में कहा कि हमने श्रीनगर में सेना से शूटिंग के गुर सीखे, बंगलूरू में कारपोरेट सेक्टर के दफ्तरों में जाकर देखा कि डॉक्टर और इंजीनियर से अलग भी कॅरियर की संभावनाएं हैं। दिल्ली में हमने भारत की एकता की झलक देखी।
इन लड़कियों ने राष्ट्रपति डा. प्रणव मुखर्जी और सेना अध्यक्ष बिपिन रावत से भी मुलाकात की। ऐसे समय में जब घाटी के राह भटके चुनिंदा युवा मुठभेड़ में मारे गए आतंकी बुरहान वानी को अपना रोल मॉडल बताते हैं, वहीं इन लड़कियों ने बताया कि हमारे रोल मॉडल राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी हैं। आर्मी चीफ बिपिन रावत ने इनसे राष्ट्र निर्माण में सहयोग के लिए कहा।