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शहीद अमित शर्मा को दी अंतिम विदाई

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ज्यौड़ियां। असम में शहीद हुए खौड़ के सीमावर्ती गांव मगेंरी (जोगवां) निवासी बीएसएफ के जवान अमित शर्मा पुत्र स्वर्गीय रोशन लाल का शव पैतृक आने के बाद वीरवार को सम्मान के साथ वीर सपूत को अंतिम विदाई दी गई। इस मौके पर भारी संख्या में गांव के लोग सपूत का अंतिम दर्शन करने पहुंचे थे।
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अमिल शर्मा बीएसएफ की 7 बटालियन में तैनात थे। मौजूदा समय में वह असम में ड्यूटी पर थे। जानकारी के मुताबिक दो जुलाई को उनकी बटालियन की कानवाई एक स्थान से दूसरे स्थान पर जा रही थी। तभी घात लगाए बैठे कुछ हथियारबंद लोगों ने कानवाई पर फायरिंग कर दी। इसमें बीएसएफ की गाड़ी में सवार दो जवान घायल हो गए। दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां पर इलाज के दौरान अमित शर्मा ने दम तोड़ दिया। उनका पार्थिव शरीर वीरवार की को पैतृक गांव पहुंचा, जिसका गांव के श्मशान घाट पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस मौके पर उपजिला खौड़ के प्रशासनिक अधिकारी, बीएसएफ के अधिकारियों के अलावा स्थानीय लोग उपस्थित रहे। शहीद के छोटे भाई ने उनको मुखाग्नि दी।
अमित शर्मा तीन भाई-बहन में सबसे बड़े थे। जब तीनों छोटे-छोटे थे तभी उनके पिता स्वर्गलोक पधार गये थे। उनकी माता तोशी देवी ने बेहद मुश्किल परिस्थितियों में तीनों बच्चों का पालन-पोषण किया। परिवार के अच्छे दिन आने तब शुरू हुए थे, जब दो साल पहले अमित शर्मा ने दसवीं कक्षा पास कर बीएसएफ ज्वाइन कर ली। लेकिन तोशी देवी की बदनसीबी ही कहें कि वीर सपूत शहीद हो गया।
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मुश्किल से संभली थी शहीद की मां, फिर टूटा दुख का पहाड़
शहीद अमित के पिता की मौत के बाद से उनकी मां की दिमागी हालत बहुत ठीक नहीं रहती थी। लेकिन जब से अमित को नौकरी लगी और अमित ने अपनी छोटी बहन की शादी की, तब से मां अब संभलने लगी थी। लेकिन भगवान को यह मंजूर नहीं था। उस विधवा से बेटा छीन लिया। वह फिर से विचलित हो गई है। वह बेटे के शव को देखकर दहाड़ें मार कर रोने लगी। उसे देखकर वहां मौजूद लोगों का दिल पसीज गया।
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