आरएस पुरा/ मीरां साहिब/ बिश्नाह/ अखनूर/ सांबा। इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी में चरमराई बिजली सेवा के चलते कस्बे व क्षेत्र के ग्रामीणों को बिजली कटौती के चलते परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दिन भर बिजली बंद रहने के बाद रात को भी सुचारु रूप से आपूर्ति न होने पर लोगों का जीना मुहाल है।
बाजार एसोसिएशन के प्रधान सचिन चोपड़ा का कहना है कि हर बार गर्मी में बिजली की कटौती के चलते परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वर्षों से लोगों की कस्बे में ग्रिड स्टेशन स्थापित करने की मांग चल रही है जिसमें आश्वासन ही मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिजली सेवा ठप रहने से लोगों को पानी भी नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि अगर दो- तीन दिनों तक सुचारु रूप से बिजली की आपूर्ति की व्यवस्था नहीं की गई तो बाजार एसोसिएशन बाजार बंद कर विरोध-प्रदर्शन करेगा।
सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य गणेशदत्त गुप्ता का कहना है कि केबल तार लगाकर सुचारु बिजली देने का वादा किया गया था, लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी कटौती की जा रही, जिसके चलते लोगों को इन दिनों पड़ रही गर्मी में कई प्रकार की दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। डॉ. सुरजीत कुमार का कहना है कि कस्बे के आधे वार्ड में केबल तार डाल बिजली की आपूर्ति की जा रही। विभाग बिजली चोरी रोकने में असमर्थ है, अधिकारी लीपापोती कर रहे हैं।
वहीं मीरां साहिब बाजार कमेटी के प्रधान सुरेंद्र चौधरी का कहना है कि इन दिनों दस घंटे भी बिजली की आपूर्ति नहीं हो रही, जिससे लोगों को इस गर्मी में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि दिन प्रति दिन बिजली की जरूरतों की बढ़ोतरी हो रही लेकिन बिजली विभाग के पास कोई योजना नहीं होने पर लोड बढ़ने पर बिजली सेवा चरमरा रही है।
पूर्व सरपंच व माकपा नेता किशोर कुमार ने कहा कि बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों को अघोषित कटौती के चलते अवगत कराए जाने पर लोड अधिक होने के लिए कहा जा रहा है। इसका समाधान करना विभाग की जिम्मेदारी होने पर अनदेखी की जा रही, जिसके चलते वीरवार को मीरां साहिब कस्बे में क्षेत्र के लोगों द्वारा विरोध-प्रदर्शन कर सरकार तक अपनी बात रखी जाएगी।
बिश्नाह में भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती ने लोगों को परेशान कर दिया है। कस्बे के लोग कुछ दिनों से रात जागकर गुजार रहे हैं। लोगों का कहना है बिजली की कटौती के कारण उनका जीना मुहाल हो गया है। पूरी रात मात्र एक-दो घंटे ही बिजली दी जा रही है। बिजली की तयशुदा कटौती के बाद बिजली विभाग कटौती कर रहा है, जिसके बाद बुधवार को मुख्य बाजार में दुकानदार जोगराज शर्मा की अगुवाई में दुकानदारों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की व अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने की मांग की। दुकानदारों ने कहा कि अगर बिजली विभाग ने रात को होने वाली कटौती बंद नहीं की तो दुकानदार बिजली विभाग के कार्यालय का घेराव करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।
अखनूर में सीमावर्ती क्षेत्र में गर्मी और उमस से लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं इस पर बिजली की कटौती से जीना मुहाल को गया है। बुधवार को सुबह से ही गर्मी का प्रकोप बढ़ गया। इस पर क्षेत्र में लू चलने लगी। इस पर कई लोग घरों में ही दुबके रहे। दोपहर बाद क्षेत्र के कुछ स्थानों में हल्की बारिश हुई। जिस पर तापमान में कुछ गिरावट आई। लोगों को कहना है कि गर्मी से बड़ी परेशानी का समाना करना पड़ रहा है। जिस पर बिजली की कटौती से और परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सांबा के सीमावर्ती क्षेत्रों में बिजली की पुरानी तार होने से हर रोज आपूर्ति प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार उन्होंने पुरानी तारों को बदलने के लिए कई बार अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन कोई उचित कदम नहीं उठाया जा रहा है। उन्हें बिजली ठप्प रहने से काफी दिक्कतें हो रही हैं। महिला दीपो, प्रसिन्नो, कुंती, रानी ने बताया कि तीस वर्ष से भी अधिक पुरानी तारें थोड़ी सी हवा चलने पर टूट जाती हैं। फिर सारा दिन बिजली गुल रहती है। भीषण गर्मी ने पहले से ही बेहाल कर रखा है। ऊपर से बिजली की आपूर्ति के प्रभावित रहने से काफी परेशानी बनी रहती है। उन्होंने प्रशासन से मांग उठाई है कि सीमावर्ती क्षेत्र के गांवों में बिजली की पुरानी तारों को शीघ्र बदला जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके।
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लू और उमस से तड़प रहे लोग
अरनिया। तपती लू और उमस से बुधवार को दिन भर लोग तड़पते रहे। उमस ने लोगों को खूब परेशान किया, जिससे लोग हाय तौबा करते रहे। दूसरी ओर तीन दिन की छुट्टियों के बाद मात्र तीन दिन पहले खुले कस्बे के बाजारों में भी दिन भर सन्नाटा पसरा रहा। लो वोल्टेज व मंदी की मार से परेशान ज्यादातर दुकानदार बाहर बैठ कर गर्मी से बचने के लिए पंखा हिलाते दिखे। लू और उमस का असर आम लोगों व रोजमर्रा चलने वाले यात्री वाहनों पर भी दिखा। हालांकि सुबह करीब ग्यारह बजे के बाद बादलों छाने शुरू हो गए मगर देर शाम तक बारिश की एक बूंद की जगह उमस बढ़ती गई। ब्यूरो