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यात्री वाहनों को फिटनेस देने में लापरवाही बरतनी ठीक नहीं

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जम्मू। राज्य में सबसे ज्यादा मौतें सड़क हादसों में हो रही हैं। हर दिन हादसे में चार से पांच लोगों की मौत हो जाती है। इसमें यात्री वाहनों की खस्ता हालात भी एक कारण है। इसके बावजूद आरटीओ कार्यालय यात्री वाहनों को फिटनेस का प्रमाणपत्र देने में लापरवाही बरत रहा है। बिना पर्याप्त जांच के वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट दिया जा रहा है। इसके कारण ही अनफिट और जर्जर वाहन भी सड़क पर दौड़ रहे हैं। यही कारण है कि आए दिन भीषण सड़क हादसे हो रहे हैं।
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गाड़ियों को फिटनेस जांच की प्रक्रिया का जायजा लेने के लिए अमर उजाला ने नरवाल स्थित फिटनेस ग्राउंड का दौरा किया। इस दौरान वहां की वास्तविक तस्वीर सामने आई। फिटनेस ग्राउंड में प्रतिदिन सौ से अधिक कामर्शियल वाहनों की फिटनेस की जांच होती है। फिटनेस जांच के प्रति संजीदगी इस बात से पता चलती है कि एक घंटे में ही वाहनों कीफिटनेस जांच लगभग पूरी कर दी जाती है। इसमें केवल चेसिस नंबर देखा जाता है। गाड़ी का इंजन, सीट, फर्स्ट एड बक्स, टायर आदि की जांच तक नहीं होती है। एक सरसरी नजर में गाड़ी को फिटनेस चेक की जा रही है। फिटनेस प्रक्रिया में गाड़ी को पास कराने में दलालों का बड़ा योगदान है। इस पूरी प्रक्रिया में दलाल सांठ-गांठ से वाहनों को फिटनेस दिलाने में मदद करते हैं। आलम तो यह है कि स्कूल बसों की जांच न के बराबर हो रही है। बसों में छात्रों के सुरक्षा के उपकरण हैं या नहीं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है।
इस संबंध में आरटीओ धंतर सिंह से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने कई बार फोन करने भी जवाब नहीं दिया।
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60 प्रतिशत बन पाया ऑटोमेटिक वाहन इंस्पेक्शन टेस्टिंग सेंटर
10 करोड़ की लागत से तैयार हो रहे केंद्र प्रायोजित ऑटोमेटिक वाहन इंस्पेक्शन टेस्टिंग सेंटर का काम दो साल में 60 प्रतिशत तक हो पाया है। विजयपुर में तैयार हो रहे इस सेंटर में चार लाइन बनाई जा रही है। इसमें बड़े वाहनों की फिटनेस जांच के लिए दो लाइन जबकि छोड़े चार पहिया वाहनों की जांच के लिए भी लाइन तैयार हो रही है। यानी एक साथ चार वाहनों की जांच हो जाएगी। ऑटोमेटिक वाहन इंस्पेक्शन टेस्टिंग सेंटर में मशीन की मदद से वाहन की जांच होगी। मशीन पूरी गाड़ी को स्कैन करेगी, इसके बाद तुरंत ही उसकी रिपोर्ट भी तैयार हो जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया में वाहनों की स्टेयरिंग, ब्रेक, हेड लाइट, इंडीकेटर, टायर सहित अन्य मुख्य पार्ट्स की आटोमेटिक जांच होगी।
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अभी 60 प्रतिशत तक काम पूरा हो गया है। जुलाई के पहले सप्ताह में मशीनरी आना
शुरू हो जाएगी। अगस्त तक ऑटोमेटिक वाहन इंस्पेक्शन टेस्टिंग सेंटर को संचालित करने की योजना है।
-स्वर्ण सिंह, अतिरिक्त परिवहन आयुक्त
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