रामगढ़। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाबा चमलियाल की दरगाह पर रविवार को छठा सूफियाना कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में गायिका सोनाली डोगरा ने सूफी गाने की प्रस्तुति देकर समां बांध। कार्यक्रम में दूसरे राज्यों के गायक भी शामिल हुए। गायकों की तरफ से पेश किए सूफियाना कलाम से दरगाह पर पहुंचे श्रद्धालु बाबा की भक्ति में मस्त नजर आए।
बाबा चमलियाल क्लब यूनियन के सुखदेव सिंह, सुखा सोफी, सोनू, गारा राम, अंगरेज पाल, बिल्लू चौधरी, शामा चौधरी ने अपील की और कहा कि बाबा की दरगाह पर आज हजारों भक्तों ने माथा ठेका और बाबा का आशीर्वाद लिया। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 27 जून को लगने वाले मेले की तैयारी अंतिम चरण में है। जिला प्रशासन की तरफ से भी मेले के मद्देनजर दरगाह की साफ -सफाई एवं रंगरोगन के लिए सेवादारों को हर सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। सेवादारों को प्रशासन ने सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने के आदेश जारी किए हैं, लेकिन बाबा की रहमत के आगे सेवादारों को सरहद के तनाव की कोई परवाह नहीं है ।
विदित हो किया बाबा को इलाज के बहाने बुलाकर मारा गया था। दग छनी गांव के बुजुर्गों के अनुसार बाबा को धोखे से मारा था। वह धार्मिक विचार के थे। चंबल चमड़ी रोग को जड़ से समाप्त करने के कारण वह दूर तक प्रसिद्ध थे। धीरे-धीरे बाबा काफी मशहूर हो गए और अन्य हकीमों का धंधा चौपट होने लगा। एक दिन बाबा को चमलियाल गांव से 500 मीटर की दूरी पर स्थित गांव सौदोयाली (अब पाकिस्तान में) कुछ शरारती तत्वों ने इलाज के बहाने बुलाया। संदेश मिलते ही बाबा घोड़े पर सवार होकर चल पडे़। जैसे ही बाबा का घोड़ा सौदोयाली गांव पहुंचा तो घात लगाए बैठे शरारती तत्वों ने बाबा का सिर काट दिया। बुजुर्गों के अनुसार बाबा का घोड़ा बिना सिर के ही बाबा को वहां से ले आया। उस वक्त गांव की एक औरत कुएं पर थी। उसने देखा कि बाबा धरती में समा गए। मालिक को धरती में समाते देख घोड़ा भी धरती में समा गया।
सीमावर्ती गांव दग छनी फतवाल के लोगों का कहना है कि हम चाहते हैं कि पाकिस्तान जैसे पहले शकर और शरबत बाबा जी की दरगाह से लेता आया है आगे भी ऐसे चलता रहे। हमें बहुत दु:ख से कहना पड़ता है कि पिछले साल प्रशासन की तरफ से मेला नहीं हुआ था, लेकिन बाबा के 20 हजार भक्त उस समय बाबा की दरगाह पर माथा टेकने आए थे। आज तक पाकिस्तान रेंजर ने सीमा सुरक्षा बल से कोई बात नहीं की। मेले को चार दिन बाकी हैं वहीं लोगों ने कहा कि पाकिस्तान में तीन दिन से मेला जोर शोर से चल रहा है। हमें कोई फर्क नहीं पड़ता कि पाकिस्तान रेंजर बात करें या न करें।