चिनैनी। खरोली का मरम्मत वीरवार को भी नहीं हो पाई। इसके चलते गांव पैखड़ के लोगों के लिए परेशानी खड़ी हो गई है। बच्चों को कई किलोमीटर का पैदल सफर तय कर दूसरे रास्ते स्कूल पहुंचना पड़ा।
बुधवार को करीब साढे़ तीन घंटे तक चार छात्र और एक अन्य व्यक्ति खरोली खराब होने से तवी के बीचों बीच हवा में ही फंसे रहे थे। उन्हें चिनैनी पुलिस की मदद से सुरक्षित निकाला गया। बरकूंडा पैखड़ और धनास को जोड़ने वाली खरोली रोपवे पिछले 45 सालों से चलाई जा रही थी। बुधवार को इसकी वेरिंग टूट जाने से यह ठप हो गई थी। गांव पैखड़ के स्थानीय निवासी व खरोली में फंसे सुभाष चंद व उनके भाई रोमेश चंद ने बताया कि उनके गांव से करीब 30 से 35 बच्चे धनास के पास स्कूल में पढ़ने जाते है। जो पहले खरोली के जरिए कुछ ही मिनटों में स्कूल पहुंच जाते थे लेकिन वीरवार को उन्होंने वहां पहुंचने में घंटों का वक्त लगा। लोगों ने कहा कि खरोली को तत्काल ठीक कर उसे चलाया जाना चाहिए। लोक निर्माण विभाग के एईई सुभाष गुप्ता ने कहा कि खरोली की जल्द मरम्मत की जाएगी, फिलहाल इसे बंद किया गया है॥ पुल के लिए भी उच्च अधिकारियों को लिखा गया है ।