ज्यौड़ियां। डिग्री कालेज ज्यौड़ियां में इस सत्र से कक्षाएं लगेंगी। मंगलवार को कॉलेज ने अपना पहला प्रोस्पेक्टस वितरित किया है। इससे विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है। हालांकि कॉलेज की अभी तक अपनी इमारत नहीं है।
जानकारी के मुताबिक जब तक कॉलेज की अपनी खुद की इमारत नहीं होती, तब तक कक्षाएं गर्ल्स हाई स्कूल ज्यौड़ियां में लगेंगी। कॉलेज प्रबंधन की तरफ से गर्ल्स हाई स्कूल की इमारत का एक हिस्सा लिया गया है। कॉलेज में अभी आर्ट्स विषयों की कक्षाएं ही चलेंगी।
सनद रहे की ज्यौड़ियां में 31 जनवरी 2019 को 1953 में प्रजा परिषद के आंदोलन में शहीद हुए सात शहीदों के शहीदी दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे राज्यपाल सत्यपाल मलिक से पूर्व किसान एडवाइजरी बोर्ड के वाइस चेयरमैन दलजीत सिंह चिब ने डिग्री कॉलेज की मांग की थी। तभी राज्यपाल ने ज्यौड़ियां में डिग्री कॉलेज खोलने की घोषणा की थी। एक माह बाद फरवरी में राज्यपाल प्रशासन ने रियासत के दूरदराज तथा पिछड़े क्षेत्रों में दस डिग्री कॉलेजों की स्वीकृति दी, जिसमें ज्यौड़ियां का नाम भी शामिल किया गया। इस डिग्री कॉलेज का फायदा परगवाल क्षेत्र की छह पंचायतों के लोगों को सबसे अधिक रहेगा। परगवाल निवासी बहादुर सिंह, अवतार सिंह तथा अश्वनी मन्हास ने बताया की दरियां चिनाब पर पुल बन जाने पर ज्यौड़ियां और परगवाल का फैसला मात्र दो से ढाई किलोमीटर तक का ही रह जाएगा। इसलिए जहां के बच्चों के लिये ज्यौड़ियां डिग्री कॉलेज अधिक फायदेमंद रहेगा।
पब्लिक ज्वाइंट एक्शन कमेटी छंब के प्रधान अमृत भूषण बाबा भारतीनंद ने बताया कि इस कॉलेज से क्षेत्र के लोगों को काफी सुविधा रहेगी। आसपास के गांवों के बच्चों को घर के नजदीक कॉलेज की शिक्षा मिल जाएगी। वहीं दलजीत सिंह चिब ने बताया कि ज्यौड़ियां में डिग्री कॉलेज बहुत जरूरी था। 12वीं के बाद बच्चों को अखनूर या फिर खौड़ जाना पड़ता था।