श्रीनगर। उत्तरी कश्मीर के बारामुला सेक्टर से सटी एलओसी से सीमा पार जाते समय पकड़े गए चार युवाओं को उनके परिवार वालों के हवाले कर दिया गया। इसकी जानकारी पुलिस और सेना ने संयुक्त रूप से पत्रकार वार्ता कर दी। इस दौरान सेना कमांडर ने युवाओं से आतंकवादियों के प्रचार से गुमराह न होने की अपील की।
बारामुला में सेना की ईएमई यूनिट में शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए 79 माउंटेन ब्रिगेड के कमांडर गिरीश कालिया ने बताया कि हमारी हमेशा कोशिश रहती है कि भटके नौजवान दहशतगर्दी छोड़ कर मुख्यधारा में शामिल हो जाएं। इसी कोशिश के चलते कुछ दिन पहले भागे उन चार नौजवानों को वापस लाकर परिवार से मिलाया, जो आतंकी बनने जा रहे थे। राष्ट्र विरोधी तत्वों के झूठे बयानों के बहकावे में आकार 17 से 21 वर्ष के ये नौजवान गुमराह हो गए थे। उन्हें पैसों का लालच देकर दहशतगर्दी में झोंका जा रहा था। उन्होंने कहा कि इन चारों के बारे में सूचना मिलते ही सेना के 161 टीए बटालियन, बारामुला पुलिस और 53 बीएन सीआरपीएफ ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को बोनियार के लिंबर इलाके में एलओसी के पास उन्हें पकड़ लिया। कमांडर ने कहा कि युवाओं को शांति का मार्ग चुनना चाहिए न कि हिंसा का। पत्रकार वार्ता के दौरान एसएसपी बारामुला अब्दुल कयूम भी मौजूद थे।
परिवार को सौंपने से पहले दी काउंसिलिंग
आतंकी बनने जा रहे युवकों को पकड़ने के बाद उनकी काउंसिलिंग सेना की ओर से की गई। इन युवाओं में आदिल अहमद डार (22), ताहिर शमीम लोन (19), समीर भट (18) और नवीद पर्रा (19) को बताया गया कि वे मुख्यधारा में जुड़ें उन्हें हर तरह की मदद की जाएगी। वे समाज के लिए कुछ सकारात्मक काम करें।