आरएस पुरा। कर्म करना हर प्राणी का कर्तव्य है। जो अच्छा कर्म करते हैं उन पर भगवान की सदा कृपा बनी रहती है। अहंकार में रहने वाले प्राणियों पर जब कोई मुसीबत आती है, तो वह भगवान के दर में पहुंच कर आराधना करते हैं। मगर तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। यह प्रवचन 10वें विराट संत सम्मेलन के शुभारंभ अवसर पर संतों ने संगत को दिए।
जानकारी के अनुसार वार्ड 10 के दुर्गा माता मंदिर में महंत मदन जी महाराज की अध्यक्षता में पांच दिवसीय 10वां विराट संत सम्मेलन सोमवार से शुरू हो गया। इसका समापन शुक्रवार को होगा। शुभारंभ अवसर पर अन्य राज्यों सहित हरिद्वार से पहुंचे स्वामी रामेश्वर नंद की देखरेख में सुबह हवन के बाद विशाल एवं भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जो बाजार से होते हुए वापस दुर्गा मंदिर परिसर में संपन्न हुई। इसके बाद संतों ने दोपहर एक से चार बजे तक प्रवचन देकर संगत को निहाल किया।
उन्होंने कहा कि हर प्राणी को सनातन धर्म का पालण करने के साथ अपने बच्चो को भी धर्म के रास्ते पर चलने के लिए सुबह-शाम पूजा करनी चाहिए। इससे सभी प्रकार के कष्ट सदा के लिए दूर हो जाते हैं। विराट संत सम्मेलन के अंतिम दिन विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।