पुंछ। शनिवार को जिले में पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में नंगाली और साथरा ब्लाक में लोगों ने वोट डाले। नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी गोलाबारी से सहमे लोगों ने बेखौफ होकर पंचायत चुनाव के लिए मतदान किया।
वोट डालने पहुंचे फेंसिंग के आगे की पंचायत मंधार के पूर्व सरपंच मोहम्मद सैयद का कहना था कि उनकी पंचायत में बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा और सबसे बड़ी परेशानी पीओके की तरफ से आए दिन की गोलाबारी है। ऐसे में लोगों ने क्षेत्र में विकास के लिए भारी संख्या में मतदान किया है। गौरतलब है कि नंगाली ब्लाक में फेंसिंग के आगे काइयां, मंधार, कीरनी और चलैरी में चार मतदान केंद्र स्थापित किए गए थे। इन क्षेत्रों में आए दिन पाकिस्तानी सेना गोलीबारी करती है। ऐसे में लोग खुले में उठने-बैठने से भी डरते हैं, लेकिन शनिवार को पंचायत चुनाव के मतदान के लिए लोग बिना डरे घंटों कतार में लगे नजर आए। वोट डालने के लिए क्षेत्र के सबसे अधिक उम्रदराज मतदाता गुनाम नबी (92) भी पहुंचे थे। नंगाली साहब ब्लाक में 85.97 प्रतिशत और साथरा में 89.61 प्रतिशत मतदान के साथ कुल 87.78 प्रतिशत मतदान हुआ है। नंगाली साहब में 15,422 मतदाताओं में से 13,259 ने अपने मत का प्रयोग किया। साथरा में 15,150 में से 13,576 मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग किया। प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए थे, ताकि लोग बेखौफ होकर मतदान कर सकें।
पहली बार वोट डालने आए लोगों के चेहरे पर दिखी खुशी
पुंछ। नंगाली ब्लाक के नियंत्रण रेखा पर बसे इस्लामाबाद में पहली बार वोट डालने पहुंचे युवक युवतियों के चेहर पर पहला वोट डालने की खुशी साफ झलक रही थी। ये लोग कतार में लग कर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। पहली बार वोट डालने वालों में रमीज अहमद, अशफाक और कनीज फातिमा राठौर का कहना था कि वे इस्लामबाद में रहते हैं, जो नियंत्रण रेखा पर है। यहां आए दिन गोलाबारी होती रहती है, जिससे यहां के स्कूल अक्सर बंद रहते हैं। ऐसे में युवाओं की पढ़ाई पर बहुत बुरा असर पड़ता है। पंचायत चुनाव में वे क्षेत्र के विकास के लिए पहली बार मतदान करने आए हैं। ब्यूरो