पुंछ। शनिवार को तीसरे दिन भी जिले को कश्मीर से जोड़ने वाली ऐतिहासिक मुगलरोड पर दिन भर भारी बर्फबारी जारी रही। इससे कश्मीर की तरफ से सेब लेकर दूसरे राज्यों को जाने वाले डेढ़ सौ से ज्यादा ट्रक मुगलरोड पर जमा करीब दो फुट बर्फबारी में फंस गए। जानकारी मिलने पर मुगलरोड पर पोशाना में तैनात 16आरआर के अधिकारियों और जवानों ने भारी बर्फबारी के बीच अपनी जान की बाजी लगा कर बर्फ में फंसे 140 ट्रक चालकों एवं सह चालकों को सुरक्षित निकाल कर अपने शिविर में पहुंचाया। वहां एसएसपी पुंछ राजीव पांडे के निर्देश पर एसएचओ सूरनकोट सोमराज की अगुवाई में पुलिस दल ने उन्हें दवाइयों के साथ ही गर्मा गर्म खाना मुहैया करवाया और रात बिताने के लिए आश्रय दिया। किसी तरह जान बच जाने से खुश बाहरी राज्यों के ट्रक चालकों एवं सह चालकों का कहना था कि दुनिया में हमारी सेना के मुकाबले में मानवीय कोई दूसरी सेना नहीं है।
दोपहर में मुगलरोड पर बर्फ से निकाले गए ट्रक चालकों से मिलने जिला विकास आयुक्त पुंछ राहुल यादव और एसएसपी राजीव पांडे पोशाना पहुंचे। चालकों का हाल जानने के साथ ही उनके लिए सूरनकोट में मुगलरोड के खुलने तक रहने की व्यवस्था करने के तहसील प्रशासन को निर्देश दिए। मुगलरोड पर पीर की गली से छत्ता पानी क्षेत्र तक करीब दो फुट तक बर्फबारी रिकार्ड की गई है।
सामने नजर आ रही थी मौत
मुगलरोड से निकाले गए ट्रक चालक हरियाणा के नारायण सिंह ने बताया कि वे कश्मीर से सेब लेकर आ रहे थे। इस बीच भारी बर्फबारी होने से वे मुगलरोड पर फंस गए। वे कई घंटों तक भूखे प्यासे ट्रक में ठिठुरते रहे। हर पल सामने मौत नजर आ रही थी, क्योंकि बर्फबारी लगातार तेज होती जा रही थी। करीब तीन बजे सेना के जवानों ने ट्रक से निकाला तो जान में जान आई। उत्तर प्रदेश के आमिर, रमीज आदि ट्रक चालकों ने कहा कि हमारी सेना के जवान बहुत बहादुर और मानवीय हैं। वे हमें बर्फ से निकाल कर अपने कैंप में ले गए। वहां सभी को दवा-इलाज मुहैया करवाया गया और भोजन के साथ सभी को सोने के लिए स्लीपिंग बैग भी दिए।