पुंछ। पिछले कई माह से नियंत्रण रेखा पर शांति कायम रहने और मौसम के साथ देने से इस बार एलओसी से सटे इलाकों में धान और मक्की की अच्छी पैदावार हुई है। इससे किसान काफी खुश हैं, लेने पुंछ ब्रिगेड पर गोले दागने का बदला लेने के बाद अब पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। ऐसे में भले ही पाकिस्तान खामोश नजर आ रहा हो, पर ग्रामीणों को पाक की तरफ जल्द गोलाबारी शुरू करने का डर सता रहा है। इसलिए वे तेजी से धान और मक्की फसलों को समेटने में लगे हुए हैं।
पिछले दिनों पुंछ ब्रिगेड पर पाकिस्तानी सेना की तरफ से गोला दागने और फिर भारतीय सेना की तरफ से इसका बदला लेने के बाद अब एलओसी पर शांति तो है पर ग्रामीण फिर से गोलाबारी शुरू होने की आशंका के चलते डरे हुए हैं। ऐसे में वे अन्य सारे काम छोड कर दिन-रात धान और मक्की की फसल समेटने में लगे हुए हैं। दिन-रात किसानों का पूरा परिवार खेत में नजर आता है। किसानों शादीलाल, सुनील कुमार, चमनलाल, जुबेर अहमद, नजीर अहमद ने बताया कि इस बार समय पर बारिश होने और नियंत्रण रेखा पर कई महीनों तक शांति कायम होने से फसल काफी अच्छी हुई है। इससे उनकी खुशी का कोई पार नहीं, लेकिन पाकिस्तान को जिस तरह से भारतीय सेना ने सबक सिखाया है, वैसे में वह कभी भी गोलाबारी कर सकता है। ऐसे में खेतों में कट कर सूखने के लिए रखी धान और मक्की की फसल बर्बाद हो सकती है। यही वजह है कि वे अब धान को पराली से अलग करने के लिए परंपरागत ढंग से बैल का प्रयोग करने के बजाय ट्रैक्टर का प्रयोग कर रहे हैं, ताकि फसल जल्दी घर आ जाए।