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रैहबरे तालिम शिक्षकों की 7वें वेतन आयोग लागू करने की मांग को लेकर कैंडल मार्च

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पुंछ। शुक्रवार को पिछले पांच दिन नगर स्थित मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर भूख हड़ताल कर रहे जिले के आरईटी शिक्षकों ने रात में सातवें वेतन आयोग का लाभ देने व मासिक वेतन डी लिंक करने को लेकर नगर में कैंडल मार्च निकाला। उन्हाेंने मांगें पूरी नहीं किए जाने पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती उनका प्रदर्शन इसी प्रकार जारी रहेगा।

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शुक्रवार की रात नगर के मोहल्ला कामसर स्थित मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर क्रमवार भूख हड़ताल जारी रखे हुए आरईटी शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर कैंडल मार्च का आयोजन किया। इसमें सैकड़ों की संख्या में पुरुष और महिला शिक्षकों ने भाग लिया। मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जम्मू कश्मीर रहबर-ए-तालीम टीचर फोरम क बैनर तले संगठन के राज्य चेयरमैन फारूक अहमद तांत्रे, जिला प्रधान हामिद वाबाज, एमएम पठान, खालिद खान, शफीक चौहान, इमरान कादरी, सईदा इकबाल खान आदि की अगुवाई में शुरू हुआ यह कैंडल मार्च नगर के विभिन्न क्षेत्रों से होता हुआ नगर के परेड पार्क के बाहर पहुंचा।

वहां पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए फारूक अहमद तांत्रे ने कहा कि आज जम्मू प्रांत के दस जिलों में पिछले पांच दिनों से चल रही भूख हड़ताल के बीच कैंडल मार्च निकाल रहे हैं, ताकि राज्यपाल सत्यपाल मलिक के आवस तक इसकी रोशनी पहुंचे और वे सातवें वेतन आयोग के लाभ देने और हमारा वेतन डीलिंक करने की तरफ ध्यान दें। उन्होंने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी आग्रह करते हैं कि वे देश का भविष्य निर्माण करने वाले हम शिक्षकों की तरफ ध्यान दें और उनकी मांगें पूरी करवाएं, ताकि वे सड़क से उठ कर स्कूलों में जाकर बच्चों को शिक्षित करने के अपने काम को अंजाम दें।
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अपने संबोधन में एमएम पठान ने कहा कि हम लोग इसी तरह सड़कों पर तब तक डटे रहेंगे जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जाती, क्योंकि एक तरफ जहां हमारे साथ कम करने वाले अन्य शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग का लाभ दिया जा रहा है तो हमें क्यों नहीं। उन्होंने का कि उनको राज्य सरकार ने शिक्षा विभाग में तैनात किया है, लेकिन उनका वेतन मानव संसाधन मंत्रालय से आ रहा है। इसलिए उनकी मांग है कि इसे डीलिंक किया जाए, ताकि उनको हम माह राज्य सरकार से वेतन मिल सके।

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