सांबा। जिले के सीमावर्ती गांव चचबाल की सीमा के निकट सुरंग निकलने की अफवाह से सुरक्षा बल सकते में आ गए। क्षेत्र में काम कर रही सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गईं। बाद में बीएसएफ के अधिकारियों ने खेत में गड्ढा होने की जानकारी देने पर सुरक्षा बलों को शांति मिली।
रक्षा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को किसी ने अफवाह फैला दी कि चचबाल क्षेत्र में सुरंग निकली है और जीरो लाइन के निकट एक गड्ढा सा बना हुआ है। यह सूचना आग की तरफ क्षेत्र में फैल गई। इस पर बीएसएफ के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे व उन्होंने जांच कर देखा तो एक गड्ढा निकला, जिसमें पानी भरा होने से भूमि धंस गई थी। क्षेत्र में काम कर रही सुरक्षा एजेंसियों ने भी सीमावर्ती गांव में पहुंच कर जानकारी जुटाई। बीएसएफ अधिकारियों के कहने पर क्षेत्र में शांति बनी।
सनद रहे गत वर्ष 2008 में इसी गांव में पाक रेंजरों की मदद से आतंकियों ने भूमि के 25 फीट नीचे से एक सुरंग निकाली थी जो भारतीय सीमा के अंदर पांच सौ मीटर तक पहुंच गई थी। सुरंग की गोलाई चार फुट तक थी, जिससे आदमी आराम से निकल सकता था। दूसरी तरफ सुरंग में आक्सीजन के लिए एक पाइप भी लगाई गई थी। तब स्थानीय एक युवक ने भूमि धंसने की बीएसएफ को जानकारी दी थी। बीएसएफ ने मशीन के साथ खुदाई की तो सुरंग जीरो लाइन की ओर जा रही थी। बाद में पाक रेंजरों ने सुरंग को नष्ट करने पर बीएसएफ के साथ विरोध जताया था। इस दौरान गोलाबारी भी हुई थी व सौ मीटर सुरंग को नष्ट नहीं किया जा सका था।
सूत्रों का कहना है कि हो सकता है उक्त सुरंग का कोई अन्य रास्ता भी निकाल लिया हो, लेकिन बीएसएफ इस बारे में केवल पुराना गड्ढा होने के बारे ही कह रही है।