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हालात के साथ खस्ताहाल कवार्टर की स्थिति सुधारे सरकार।

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रियासी। तलवाड़ा में रह रहे विस्थापितों ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से खस्ताहाल क्वार्टरों की स्थिति को सुधारने की आवाज बुलंद की है। विस्थापितों ने कहा कि उनके हालात पहले से ही काफी बदतर हो चले हैं। सिर छिपाने के लिए बे क्वार्टर उस हालत में नहीं बचे की इसमें सुरक्षित चैन से समय काट सकें। वह खरनाक हो गया है। कभी भी गिर सकता है।
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नारकोट से विस्थापित हो कर आए जगदेव सिंह के अनुसार मौजूदा समय के दौरान क्वार्टरों की क्या स्थिति है, उसको लफ्जों में बयां नहीं किया जा सकता है। बारिश का पानी उनके अंदर घुस आता है। उनका गुजरबसर मुश्किल हो रहा है।
कोट चलवाल के विस्थापित कमल सिंह का कहना है कि उनके क्वार्टरों की रिपेयर करने की जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की है, लेकिन उनकी अनदेखी की जा रही है। कोई झांकते तक नहीं आता
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नारला बंबल के विस्थापित केवल इस बारे में कहते हैं कि कितनी बार उन्होंने धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंप कर क्वार्टर रिपेयर करने की मांग की है। लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
कोट चलवाल के चतर सिंह का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश की अवहेलना की जा रही है। उनको कश्मीरी विस्थापितों की तर्ज पर कोई फायदा नहीं दिया जा रहा है। पिछले वर्ष उनको मिलने वाली वित्तीय सहायता में बढ़ोत्तरी हुई है, जिसके लिए लंबी लड़ाई करनी पड़ी थी।
चलाद से आए ममदू व देसराज तथा नारकोट से विस्थापित हो कर आए मुंशी राम भी इसको जिला प्रशासन और सरकार की बेरुखी बताते हैं। उनके अनुसार पिछले 20 वर्षों से वे लोग जहां पर रह रहे हैं। उनको बिजली, पानी, स्कूल की सुविधा और अन्य सुविधाएं भी झगड़ कर लेना पड़ रहा है। समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। मात्र कोरे आश्वासन ही मिल रहे हैं। जर्जर हो चुके क्वार्टर कभी भी गिर सकते हैं।
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