रामनगर। इस समय खुले में शौच मुक्ति के लिए सरकार द्वारा स्वच्छ भारत मिशन पर अभियान की तरह काम किया जा रहा है। गांव-गांव में लोगों को शौचालय बनाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। लेकिन हद यह हो गई कि शहर में टाउन हाल तो बना दिया गया, लेकिन उसमें शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है। अब यदि कोई बड़ा आयोजन उसमें होता है तो वहां आए लोग टॉयलेट के लिए कहां जाएंगे? प्रशासन की इस लापरवाही से स्वच्छ भारत मिशन पर सवाल उठ रहा है।
आश्चर्य की बात यह भी है कि एक माह पहले जिला विकास आयुक्त ने खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ ) पर सेमिनार भी इसी टाउन हाल में करवाया, लेकिन इसी टाउन हाल में शौचालय नहीं है, इसकी जानकारी डीसी को नहीं है। यह प्रशासन और सरकार की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। रामनगर म्यूनिसिपल कमेटी द्वारा बनाए गए टाउन हाल में जब कोई विवाह-शादी का समारोह होता है तो आए हुए लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। खास कर महिलाओं को ज्यादा मुसीबतें पेश आती हैं। लोग मजबूरन खुले में जाते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना था कि सरकार लोगों को शौचालय बनाने के लिए बोल रही है, लेकिन सार्वजनिक सरकारी इमारत में शौचालय नहीं बनाया गया, इसके लिए कौन जिम्मेदार है। कई बार प्रशासन से टाउन हाल में शौचालय बनाने की मांग लोग कर चुके हैं, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अब जब ओडीएफ का मामला तेज हुआ तो लोगों का गुस्सा बढ़ रहा है। म्यूनिसिपल कमेटी के ईओ ठाकर दास ने कहा कि जल्द ही शौचालय का काम शुरू करवाया जाएगा।
म्यूनिसिपल कमेटी के ईओ ठाकर दास को टाउन हाल में शौचालय बनाने के लिए आदेश दे दिए हैं। पता किया जाएगा कि अब तक शौचालय का निर्माण क्यों नहीं शुरू हुआ है।
फारूक काजी, एसडीएम, रामनगर